

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार की बुधवार को बारामती के पास हुए विमान हादसे में मौत हो गई। इस हादसे में उनके साथ विमान में सवार पांच अन्य लोगों की भी जान चली गई। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने पुष्टि की है कि विमान में मौजूद सभी छह लोगों की मृत्यु हो गई है।
यह हादसा उस समय हुआ, जब विमान बारामती में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटनास्थल से आग और धुएं के दृश्य सामने आए हैं। विमान के टुकड़े बिखरे पड़े थे और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय लोग भी घायलों की मदद के लिए पहुंचे।
यह दुर्घटना सुबह करीब 9 बजे हुई, विमान ने मुंबई से उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद हादसा हुआ।
अजित पवार के परिवार के सदस्य भी तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। वह जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के बीच एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे।
हादसे की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव दल, सुरक्षा अधिकारी और DGCA की टीम मौके पर पहुंच गई। तीन शवों को बारामती मेडिकल कॉलेज भेजा गया है और पहचान की प्रक्रिया जारी है। हादसे की जांच की जा रही है।
बता दें कि अजित पवार ने राजनीति की सारी शिक्षा अपने चाचा शरद पवार से ली थी। वो पिछले 4 दशक से महाराष्ट्र की राजनीति का अहम चेहरा थे और 8वें उपमुख्यमंत्री थे। समर्थकों के बीच वो दादा के नाम से मशहूर थे। साल 1980 में उन्होंने चाचा शरद की छत्रछाया में राजनीति में आए। 1991 में पहली बार वो बारामती लोकसभा सीट पर जीत दर्ज कर लोकसभा पहुंचे थे।
हालांकि, बाद में उन्होंने अपने चाचा के लिए ये पद छोड़ दिया, जिसके बाद शरद यादव ने यहाँ से उपचुनाव में जीत हासिल की। पवार 7 बार बारामती विधानसभा सीट से चुने गए। 2019 का विधानसभा चुनाव उन्होंने 1.65 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीता था।
(MK)