

यूजीसी नेट परीक्षा (UGC NET Exam) भारत की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है। यू समझ लीजिए की यह वही परीक्षा है जो प्रोफेसर बनने के लिए या PhD करने का सपना देखने वाले बच्चों के लिए सरकार द्वारा स्कॉलरशिप दी जाती है। यूजीसी नेट के द्वारा प्रोफेसर असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी करने के अवसर प्रदान होते हैं। यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा हर साल दो बार करवाई जाती है एक तो जून में और दूसरा दिसंबर के महीने में। इस वर्ष जून की परीक्षा 20 से 30 मई 2026 तक करवाई जाएगी। इस परीक्षा के लिए केवल वही छात्र व छात्राएं योग्य है जिन्होंने किसी सब्जेक्ट में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। इस परीक्षा में पहला पेपर सबके लिए क्वालीफाइंग होता है और दूसरा पेपर उनके मास्टर्स के सब्जेक्ट के आधार पर होता है। आज हम आपको यूजीसी नेट परीक्षा में एक अच्छा अंक लाने के लिए कुछ ऐसी किताबें के बारे में बताएंगे जिसकी मदद से पेपर वन क्वालीफाई करना बेहद आसान हो जाएगा।
यूजीसी नेट पेपर 1 की तैयारी करने वाले लगभग हर स्टूडेंट के बीच NTA UGC NET/SET/ JRF पेपर 1 टीचिंग एंड रिसर्च एप्टीट्यूड सबसे पहली पसंद मानी जाती है। इस बेहतरीन किताब के लेखक का नाम केवीएस मदान (KVS Madan) है और इसे प्रसिद्ध पियर्सन एजुकेशन (Pearson Education) पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित किया जाता है। यह किताब पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से यानी लगभग 2011-12 से मार्केट में लगातार अपनी पकड़ बनाए हुए हैं और हर साल नए सिलेबस के मुताबिक अपडेट्स आती हैं। इस किताब की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें जटिल टॉपिक को भी बड़े आसान तरीके से और कई सारे ट्रिक के साथ समझाया गया है साथ ही हर चैप्टर के बाद प्रैक्टिस प्रश्न और पिछले सालों के सॉल्वड पेपर भी दिए जाते हैं जो स्टूडेंट्स को एग्जाम का पैटर्न समझने में मदद करता है।
यूजीसी नेट के क्षेत्र में एक और पुराने और भरोसेमंद किताब है ट्रूमैन (Teueman) का यूजीसी नेट/ सेट पेपर 1, इस किताब के लेखक हैं साजिद अली और इसे डानिका पब्लिकेशन कंपनी के द्वारा पब्लिश किया जाता है। यह किताब इस तैयारी के दौरान सबसे पुरानी और आजमाई हुई किताबों में से एक है जो लगभग पिछले 15 से 20 सालों से स्टूडेंट का मार्गदर्शन कर रही है इस किताब की सबसे बड़ी खासियत इसकी टू द पॉइंट और डीप थियोरेटिकल नॉलेज है। अगर किसी स्टूडेंट को किसी टॉपिक को बिल्कुल बेसिक से लेकर एडवांस लेवल तक समझना हो तो वह इस किताब को पढ़ सकता है इसमें हर छोटे बड़े कॉन्सेप्ट पर बहुत ही ज्यादा ध्यान देते हुए मुश्किल सवालों को भी आसान तरीके से समझाया गया है जो बच्चों की तैयारी के लिए बेहद मददगार साबित होती है।
अरिहंत पब्लिकेशन की यूजीसी नेट सेट जेआरएफ पेपर 1 टीचिंग एंड रिसर्च एप्टीट्यूड जनरल पेपर 1 भी कंपटीशन की दुनिया में एक बड़ा नाम है इसे अरिहंत एक्सपर्ट की एक पूरी टीम तैयार करती है और यह किताब अरिहंत पब्लिकेशन के द्वारा पिछले 15 सालों से भी ज्यादा समय से लगातार चली आ रही है। इस किताब की सबसे बड़ी खासियत इसके आसान से भाषा में समझाए हुए हर एक कांसेप्ट है। इसमें हर एक टॉपिक को बड़े बेहतरीन तरीके से समझाया गया है जिससे कि बच्चों को किसी भी टॉपिक में समस्या का सामना न करना पड़े। इसमें न सिर्फ थ्योरी के पार्ट को टेबल के माध्यम से समझाया गया है बल्कि हर एक बड़े टॉपिक को भी बुलेट प्वाइंट में आसान तरीके से बताया गया है। इसमें प्रैक्टिस के लिए हर एक चैप्टर के एमसीक्यू भी दिए गए हैं जिसके साथ ही इसमें लेटेस्ट ट्रेंड के मुताबिक शार्ट ट्रिक और टाइम मैनेजमेंट के जरूरी टिप्स भी दिए गए हैं जो पेपर में अच्छे स्कोर करने के लिए बहुत जरूरी साबित होते हैं।
इसके साथ ही आपको बता दे की पेपर वन के अलावा बिना किसी ब्रेक के पेपर 2 की परीक्षा भी उसी दिन संपन्न करवाई जाती है जिसमें बच्चों से उनके मास्टर्स के सब्जेक्ट के नॉलेज टेस्ट किए जाते हैं। जैसे मान लीजिए यदि किसी बच्चे ने हिंदी अंग्रेजी या इतिहास में मास्टर्स किया हो तो उसे पेपर 2 में हिंदी अंग्रेजी या फिर इतिहास के ही सवाल पूछे जाते हैं। पहला पेपर 100 मार्क्स का होता है और 50 क्वेश्चन पूछे जाते हैं जबकि दूसरे पेपर में 100 क्वेश्चन होते हैं और वह 200 मार्क्स का होता है। इस परीक्षा के बाद आयोग के द्वारा एक आंसर की और रिजल्ट भी अनाउंस किया जाता है जिसमें बच्चों के मार्क्स के आधार पर और कट के आधार पर उनका सिलेक्शन होता है।
यदि किसी बच्चे ने जेआरएफ (JRF) का कट ऑफ क्लियर कर लिया तो उसे भारत के किसी भी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से पीएचडी (PhD) करने का मौका मिलता है और इसका पूरा खर्चा सरकार के द्वारा दिया जाता है। यदि बच्चा चाहे तो वह किसी यूनिवर्सिटी में या कॉलेज में प्रोफेसर की तरह पढ़ा भी सकता है। वहीं यदि किसी बच्चे ने असिस्टेंट प्रोफेसर (Assistant Professor) का कट ऑफ क्लियर कर लिया तो उसे भारत के किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में सिर्फ एक इंटरव्यू देकर पढ़ाने का मौका मिलता है वही यदि किसी बच्चे ने केवल PhD की केटेगरी का कट ऑफ क्लियर किया है तो उसे केवल पीएचडी करने का ही ऑप्शन दिया जाता है लेकिन सरकार द्वारा आधे से भी कम खर्च दिया जाता है। अभी फिलहाल जेआरएफ क्लियर करने वाले बच्चों को सरकार के द्वारा 45000 रुपए प्रति माह दी जाती है। यदि आपके पास भी मास्टर्स की डिग्री है और आप अपनी पढ़ाई में आगे बढ़ना चाहते हैं यूजीसी नेट आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन होगा। [SP]