

भारतीय साहित्य सिर्फ कहानियों और कविताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई बार किताबों ने समाज, राजनीति और धर्म तक को हिला कर रख दिया। कुछ लेखकों ने ऐसे विषयों पर लिखा, जिन पर खुलकर बात करना आसान नहीं था। नतीजा यह हुआ कि उनकी किताबें बेस्टसेलर भी बनीं और विवादों में भी घिर गईं। किसी लेखक पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा, तो किसी को जान से मारने की धमकियां मिलीं। कई किताबों पर बैन तक लगा दिया गया। फिर भी इन लेखकों ने अपनी बात कहने से कभी पीछे हटना नहीं सीखा। सलमान रुश्दी से लेकर चेतन भगत तक, इन 5 लेखकों की कुछ किताबें ऐसी रहीं जिन्होंने साहित्य की दुनिया में तूफान खड़ा कर दिया (Books by 5 authors that took the literary world by storm) और उन्हें लंबे समय तक विवादों का सामना करना पड़ा।
सलमान रुश्दी (Salman Rushdie) भारतीय मूल के मशहूर लेखक हैं, जो अपनी बेबाक लेखनी और जादुई यथार्थवाद वाली कहानियों के लिए जाने जाते हैं। उनकी सबसे विवादास्पद किताब The Satanic Verses थी, जिसे 1988 में प्रकाशित किया गया था। यह उपन्यास धर्म, पहचान और प्रवासी जीवन जैसे विषयों पर आधारित था। किताब में कुछ ऐसे हिस्से थे जिन्हें लेकर मुस्लिम समुदाय के कई लोगों ने धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया। विवाद इतना बढ़ गया कि कई देशों में इस किताब पर बैन लगा दिया गया। 1989 में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खोमैनी ने रुश्दी के खिलाफ फतवा जारी कर दिया था। इसके बाद सलमान रुश्दी को कई सालों तक छिपकर रहना पड़ा। यह किताब साहित्य की दुनिया में आज भी सबसे बड़े विवादों में गिनी जाती है।
अरुंधती रॉय (Arundhati Roy) सिर्फ लेखिका ही नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोलने वाली एक्टिविस्ट भी हैं। उनकी पहली ही किताब The God of Small Things ने उन्हें दुनिया भर में मशहूर कर दिया। यह उपन्यास 1997 में प्रकाशित हुआ था और उसी साल इसे बुकर प्राइज भी मिला। कहानी केरल के एक परिवार और वहां की सामाजिक व्यवस्था पर आधारित थी। किताब में जातिवाद, प्रेम संबंध और समाज के दोहरे मापदंडों को बेहद खुलकर दिखाया गया था। कुछ लोगों ने इसमें मौजूद अंतरंग दृश्यों और धार्मिक संदर्भों पर आपत्ति जताई। विवाद इतना बढ़ा कि उनके खिलाफ अश्लीलता फैलाने तक का केस दर्ज हुआ। हालांकि आलोचनाओं के बावजूद यह किताब भारतीय अंग्रेजी साहित्य की सबसे चर्चित किताबों में शामिल हो गई।
तस्लीमा नसरीन (Taslima Nasreen) मूल रूप से बांग्लादेश की लेखिका हैं, लेकिन भारत में भी उनकी पहचान काफी बड़ी रही है। वे हमेशा महिलाओं के अधिकार और धार्मिक कट्टरता के खिलाफ लिखती रही हैं। उनकी सबसे विवादास्पद किताब Lajja थी, जो 1993 में प्रकाशित हुई। यह उपन्यास बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए अत्याचारों की पृष्ठभूमि पर लिखा गया था। किताब में धार्मिक कट्टरता और समाज की सच्चाइयों को खुलकर दिखाया गया था। इसके बाद बांग्लादेश में भारी विरोध शुरू हो गया और किताब पर बैन लगा दिया गया। तस्लीमा नसरीन को जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं और उन्हें देश छोड़ना पड़ा। यह किताब आज भी अभिव्यक्ति की आजादी और धार्मिक असहिष्णुता पर सबसे चर्चित रचनाओं में मानी जाती है।
किरण नागरकर (Kiran Nagarkar) भारतीय साहित्य के ऐसे लेखक थे जो हमेशा अलग और साहसी विषयों पर लिखने के लिए जाने जाते थे। उनकी चर्चित और विवादित किताब Ravan and Eddie 1995 में प्रकाशित हुई थी। यह कहानी मुंबई की चॉल संस्कृति, धर्म, सेक्स और सामाजिक संघर्षों के इर्द-गिर्द घूमती है। किताब में कैथोलिक और हिंदू समुदायों के जीवन को बेहद खुले और व्यंग्यात्मक अंदाज में दिखाया गया था। कई लोगों ने इसकी भाषा और बोल्ड कंटेंट पर आपत्ति जताई। हालांकि आलोचकों ने इसे आधुनिक भारतीय साहित्य की शानदार रचनाओं में गिना। किरन नागरकर की खास बात यह थी कि वे समाज की सच्चाइयों को बिना डर के सामने रखते थे। यही वजह थी कि उनकी किताबें जितनी सराही गईं, उतनी ही विवादों में भी रहीं।
चेतन भगत (Chetan Bhagat) भारत के सबसे लोकप्रिय लेखकों में गिने जाते हैं। उनकी किताबें युवाओं के बीच काफी पसंद की जाती हैं। हालांकि उनकी 2016 में प्रकाशित किताब One Indian Girl विवादों में घिर गई थी। यह कहानी एक सफल भारतीय लड़की और उसके रिश्तों, करियर और समाज के दबावों पर आधारित थी। किताब में आधुनिक महिलाओं की सोच, शादी और स्वतंत्रता जैसे विषयों को दिखाया गया था। कई पाठकों और आलोचकों ने आरोप लगाया कि किताब महिलाओं की भावनाओं को सतही तरीके से पेश करती है। इसके अलावा कुछ लेखकों ने चेतन भगत पर अपनी कहानियों को जरूरत से ज्यादा फिल्मी और व्यावसायिक बनाने का आरोप भी लगाया। फिर भी उनकी किताब ने युवाओं के बीच खूब लोकप्रियता हासिल की और लंबे समय तक चर्चा में बनी रही। [SP]