आइसक्रीम नहीं, ये विरासत है...दिल्ली की तपती गर्मी से निज़ाद दिलाएंगी ये 4 दुकानें, इतिहास की मिठास लेने यहाँ जरूर जाएं

दिल्ली की गर्मी अभी अपने पूरे जोश में है तापमान 40 डिग्री के ऊपर है और इस गर्मी ने सभी को परेशान कर दिया है, लेकिन ऐसी गर्मी अगर ठंडी ठंडी आइसक्रीम मिल जाए तो गर्मी सार्थक हो जाती है।
दिल्ली की गर्मी (Delhi's heat)
दिल्ली की गर्मी (Delhi's heat) Pixabay
Published on
Updated on
6 min read

दिल्ली की गर्मी (Delhi's heat) अभी अपने पूरे जोश में है तापमान 40 डिग्री के ऊपर है और इस गर्मी ने सभी को परेशान कर दिया है, लेकिन ऐसी गर्मी अगर ठंडी-ठंडी आइसक्रीम (Ice Cream) मिल जाए तो गर्मी सार्थक हो जाती है। लेकिन सोचिए, अगर यही आइसक्रीम सिर्फ स्वाद और ठंडक ही नहीं, बल्कि इतिहास की मिठास भी साथ लाए तो कैसा होगा? राजधानी दिल्ली (Delhi) में कुछ ऐसी पुरानी आइसक्रीम की दुकानें हैं, जो आज़ादी से पहले शुरू हुई थीं और आज भी अपने असली स्वाद और परंपरा को जिंदा रखे हुए हैं। यहां मिलने वाली हर बाइट में सालों पुरानी यादें और खासियत छिपी है। अगर आप भी कुछ अलग और यादगार चखना चाहते हैं, तो इन जगहों पर जाना बनता है।

कुरेमल मोहनलाल कुल्फी वाले

चावड़ी बाजार में स्थित इस मशहूर दुकान कुरेमल मोहन लाल कुल्फी वाले (Kuremal Mohan Lal Kulfi Wale) की शुरुआत लगभग 117 साल पहले यानी 1906 में कुरेमल जी (kuremal ji) ने की थी। पुरानी दिल्ली की तंग गलियों में स्थित यह दुकान आज भी अपने पारंपरिक अंदाज़ को पूरी तरह संभाले हुए है। यहां कुल्फी आज भी मटकों (मिट्टी के बर्तनों) में बर्फ और नमक के बीच धीरे-धीरे जमाई जाती है, जिससे इसका स्वाद और टेक्सचर बेहद रिच और क्रीमी हो जाता है। यह दुकान खासतौर पर अपनी स्टफ्ड कुल्फी के लिए जानी जाती है, जिसमें असली फलों को अंदर भरकर कुल्फी तैयार की जाती है। आम, संतरा, अनार, लीची जैसे फलों को पहले खोखला किया जाता है, फिर उनमें गाढ़ा दूध भरकर सेट किया जाता है, जिससे हर बाइट में असली फल और कुल्फी का अनोखा कॉम्बिनेशन मिलता है।

कुरेमल मोहन लाल कुल्फी वाले (Kuremal Mohan Lal Kulfi Wale)
कुरेमल मोहन लाल कुल्फी वाले (Kuremal Mohan Lal Kulfi Wale)X

यहां पहुंचने के लिए आप चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन (Chandni Chowk Metro Station) उतरकर कुछ ही मिनटों में रिक्शा या पैदल पहुंच सकते हैं। दुकान के आसपास का माहौल भी काफी जीवंत है। पुरानी हवेलियां, भीड़भाड़ वाली गलियां और स्ट्रीट फूड की खुशबू, आपका पूरा अनुभव और खास बना देती हैं। कीमत की बात करें तो कुल्फी ₹80 से ₹200 तक मिलती है, जो क्वालिटी और यूनिकनेस के हिसाब से बिल्कुल वाजिब है। इसके अलावा यहां रबड़ी-फलूदा, पान कुल्फी, केसर पिस्ता और कई रॉयल फ्लेवर भी मिलते हैं। खास बात यह है कि यहां कोई आर्टिफिशियल फ्लेवर या प्रिजर्वेटिव नहीं डाला जाता सब कुछ नेचुरल और ताजे इंग्रेडिएंट्स से तैयार होता है। यहां के कस्टमर कहते हैं, “यह सिर्फ कुल्फी नहीं, बल्कि बचपन की यादों जैसा स्वाद है।” कई लोग सालों से यहां आ रहे हैं और हर बार वही पुराना स्वाद पाकर खुश होते हैं। अगर आप दिल्ली की असली फूड हेरिटेज को महसूस करना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए एकदम परफेक्ट है।

रोशन दी कुल्फी

दिल्ली के करोल बाग (Karol Bag) में स्थित यह मशहूर दुकान रोशन दी कुल्फी (Roshan Di Kulfi) साल 1947 में रोशन लाल (Roshan Lala) जी द्वारा शुरू की गई थी, लेकिन इसका स्वाद और रेसिपी उस दौर से जुड़ी है जब चीजें पूरी तरह देसी और शुद्ध तरीके से बनाई जाती थीं। करोल बाग के अजमल खान रोड (Ajmal Khan Road) के पास स्थित यह जगह आज भी अपनी पुरानी पहचान और भरोसे को कायम रखे हुए है। करोल बाग मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलते ही कुछ ही मिनटों में आप यहां पहुंच सकते हैं, इसलिए यह लोकेशन भी काफी कन्वीनियंट है।

रोशन दी कुल्फी (Roshan Di Kulfi)
रोशन दी कुल्फी (Roshan Di Kulfi)X

यहां की सबसे बड़ी खासियत है कुल्फी फलूदा, जो गाढ़े दूध, रबड़ी और सेवइयों के साथ इतनी बेहतरीन तरीके से सर्व की जाती है कि हर चम्मच में रिचनेस महसूस होती है। ₹60 से ₹150 के बीच मिलने वाली यह डिश आज भी लोगों की पहली पसंद है। इसके अलावा यहां का पान कुल्फी, केसर पिस्ता कुल्फी और रबड़ी फालूदा भी काफी फेमस हैं। लेकिन यह जगह सिर्फ मिठाई तक सीमित नहीं है यहां के छोले भटूरे भी उतने ही मशहूर हैं। बड़े-बड़े फूले हुए भटूरे और मसालेदार छोले के साथ मिलने वाला यह कॉम्बिनेशन लोगों को बार-बार यहां खींच लाता है। साथ ही टिक्की, गोलगप्पे और दूसरी चाट आइटम्स भी आपको यहां मिल जाएंगी, जिससे यह एक पूरा फूड स्पॉट बन जाता है।

दुकान का माहौल हमेशा चहल-पहल से भरा रहता है, लोकल लोग, टूरिस्ट्स और फैमिली, सभी यहां बैठकर खाने का मजा लेते हैं। दीवारों पर पुरानी तस्वीरें और सादगी भरा सेटअप आपको पुराने दिल्ली के फूड कल्चर का एहसास कराता है। कस्टमर रिव्यू में अक्सर सुनने को मिलता है, “यहां का स्वाद सालों से बिल्कुल नहीं बदला।” कई लोग बताते हैं कि वे बचपन से यहां आ रहे हैं और आज भी वही क्वालिटी और टेस्ट मिल रहा है। अगर आप ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां स्वाद के साथ-साथ पुरानी यादों का भी अहसास हो, तो यह जगह आपके लिए एकदम परफेक्ट है।

ज्ञानी दी हट्टी

ज्ञानी गुरुचरण सिंह (Giani Gurucharan Singh) द्वारा 1920 के आसपास शुरू की गई यह दुकान आज भी पुरानी दिल्ली की असली पहचान बनी हुई है। फतेहपुरी चौक, चांदनी चौक (Fatehpur Chowk, Chandani Chowk) के पास स्थित यह जगह दशकों से अपने पारंपरिक स्वाद और क्वालिटी के लिए जानी जाती है। कहा जाता है कि शुरुआत में यहां सिर्फ कुछ ही आइटम मिलते थे, लेकिन लोगों के प्यार ने इसे धीरे-धीरे एक मशहूर फूड स्पॉट बना दिया।

ज्ञानी गुरुचरण सिंह (Giani Gurucharan Singh)
ज्ञानी गुरुचरण सिंह (Giani Gurucharan Singh)X

यहां की सबसे बड़ी खासियत है रबड़ी फालूदा और मलाई कुल्फी, जो गाढ़े दूध, देसी तरीके से बनी रबड़ी और ड्राय फ्रूट्स के साथ तैयार की जाती है। ₹100 से ₹200 के बीच मिलने वाली ये मिठाइयां स्वाद में इतनी रिच होती हैं कि एक बार खाने के बाद बार-बार आने का मन करता है। खास बात यह है कि यहां आज भी कई चीजें पारंपरिक तरीके से ही बनाई जाती हैं, जिससे वही पुराना देसी फ्लेवर बरकरार रहता है। इसके अलावा यहां की लस्सी भी बेहद फेमस है। मिट्टी के कुल्हड़ में मिलने वाली ठंडी-गाढ़ी लस्सी गर्मी में राहत देने के लिए परफेक्ट है। साथ ही जलेबी, इमरती, और अन्य पारंपरिक मिठाइयां भी आपको यहां मिल जाएंगी। कई लोग तो सिर्फ लस्सी पीने के लिए ही यहां खास तौर पर आते हैं।

यहां तक पहुंचना भी आसान है चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन से उतरकर आप पैदल या रिक्शा लेकर कुछ ही मिनटों में पहुंच सकते हैं। रास्ते में पुरानी दिल्ली की भीड़भाड़, बाजारों की रौनक और स्ट्रीट फूड की खुशबू आपके अनुभव को और भी खास बना देती है। कस्टमर रिव्यू में लोग अक्सर कहते हैं, “यहां का स्वाद समय के साथ नहीं बदला, बल्कि और बेहतर हुआ है।” कई परिवार पीढ़ियों से यहां आते आ रहे हैं, जो इस जगह की लोकप्रियता और भरोसे को दिखाता है। अगर आप दिल्ली की असली फूड हेरिटेज को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो यह जगह जरूर आपकी लिस्ट में होनी चाहिए।

केवेंटर्स

यह मशहूर ब्रांड केवेंटर्स (Keventers) साल 1925 में एडवर्ड केवेंटर (Edward Keventer) द्वारा शुरू किया गया था। शुरुआत में यह एक डेयरी ब्रांड था, जो ब्रिटिश दौर में शुद्ध दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स के लिए जाना जाता था। धीरे-धीरे इसका नाम मिल्कशेक और ठंडे पेयों के लिए इतना मशहूर हो गया कि आज यह एक आइकॉनिक ब्रांड बन चुका है। कनॉट प्लेस में इसका आउटलेट काफी आकर्षक और मॉडर्न लुक में है, लेकिन इसकी जड़ें आज भी पुराने समय की क्वालिटी और भरोसे से जुड़ी हैं। राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलते ही आप आसानी से यहां पहुंच सकते हैं। खास बात यह है कि यहां मिलने वाले ड्रिंक्स आज भी कांच की बोतलों में सर्व किए जाते हैं, जो इसे एक क्लासिक और नॉस्टैल्जिक फील देते हैं।

यह मशहूर ब्रांड केवेंटर्स (Keventers)
यह मशहूर ब्रांड केवेंटर्स (Keventers) X

यहां के मिल्कशेक्स सबसे ज्यादा फेमस हैं। चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी, बटरस्कॉच, बनाना और मैंगो जैसे फ्लेवर ₹100 से ₹250 के बीच मिलते हैं। इसके अलावा कोल्ड कॉफी, आइसक्रीम शेक और फ्लेवर्ड मिल्क भी काफी पसंद किए जाते हैं। हर ड्रिंक गाढ़ा, क्रीमी और रिफ्रेशिंग होता है, जो गर्मी में तुरंत ठंडक देता है। एक और दिलचस्प बात यह है कि केवेंटर्स ने समय के साथ खुद को अपडेट किया है। आज यहां कुछ लाइट स्नैक्स और डेजर्ट ऑप्शंस भी मिलते हैं, जिससे यह सिर्फ ड्रिंक्स तक सीमित नहीं रहा। फिर भी, इसकी असली पहचान आज भी वही पुराने स्टाइल के मिल्कशेक्स हैं, जिनका स्वाद सालों से लोगों के दिलों में बसा हुआ है।

कस्टमर रिव्यू में लोग अक्सर कहते हैं, “यहां आकर बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं।” खासकर युवाओं और टूरिस्ट्स के बीच यह जगह काफी पॉपुलर है, जहां लोग फोटो खींचने के साथ-साथ स्वाद का भी मजा लेते हैं। अगर आप ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां आपको हेरिटेज + मॉडर्न वाइब दोनों एक साथ मिलें, तो यह जगह जरूर आपकी लिस्ट में होनी चाहिए। [SP]

दिल्ली की गर्मी (Delhi's heat)
चांदनी चौक से मजनू का टीला तक... दिल्ली के वो 4 स्वाद जो शहर की जान हैं!
logo
www.newsgram.in