सिर्फ पपीता ही नहीं, बीज और पत्ते भी हैं लाभकारी, आयुर्वेद से जानें लाभ

हर फल के अपने गुण होते हैं, और पपीता एक ऐसा फल है जिसमें बुखार से लेकर रक्त को शुद्ध करने और त्वचा को निखारने की शक्ति होती है।
पीछे सफेद बैकग्राउंड पर कटा हुआ पका पपीता और उसके साथ हरी पत्तियां दिखाई दे रही हैं।
पपीता और उसके पत्ते व बीज आयुर्वेद में औषधि के रूप में उपयोग होते हैं, जो पाचन सुधारने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, त्वचा निखारने और मासिक दर्द में राहत देने में मदद करते हैं।IANS
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हर फल के अपने गुण होते हैं, और पपीता एक ऐसा फल है जिसमें बुखार से लेकर रक्त को शुद्ध करने और त्वचा को निखारने की शक्ति होती है।

यही कारण है कि पपीते और पपीते की पत्तियों को आयुर्वेद में औषधि का स्थान दिया गया है और इसे ‘अमृतफल’ कहा गया है। पपीते और उसकी पत्तियों में इतनी शक्ति होती है कि ये शरीर के तीनों दोषों को संतुलित रखने में मदद करते हैं और पाचन सुधारने में भी सहायक हैं।

पपीता एक ऐसा फल है जो हर मौसम में आसानी से मिल जाता है और इसमें पाया जाने वाला पपैन एंजाइम पेट और आंतों के लिए लाभकारी होता है। यह पाचन को सुधारने, शरीर को शुद्ध रखने और पोषक तत्वों के अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सिर्फ पपीता ही नहीं बल्कि पपीते के पत्ते और बीज भी लाभकारी होते हैं और आयुर्वेद में औषधि के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं। पत्तियों और बीजों का स्वाद थोड़ा कड़वा होता है लेकिन दवा की तरह काम करता है।

अगर आप स्किन से जुड़ी परेशानी से जूझ रहे हैं तो पपीते का सेवन और लेप दोनों ही त्वचा के लिए लाभकारी होते हैं। इसके लिए पपीते के गूदे में शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह स्किन को टाइट करने और दाग-धब्बों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। इसके सेवन और लेपन से चेहरे पर अलग ही निखार आता है। इसके अलावा, अगर बुखार की वजह से कमजोरी महसूस हो रही है, रक्त में अशुद्धता बढ़ गई है या प्लेटलेट्स कम हो गई हैं, तब पपीते के पत्तों को पानी में उबालकर पीने से लाभ मिलेगा। पत्तों से बना काढ़ा रक्त को शुद्ध करता है और बीमारियों को कम करता है।

बुखार की वजह से अगर रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गई है तो रोजाना पपीते का सेवन करना चाहिए। पपीते में मौजूद विटामिन सी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही इसके पत्तों का रस भी पी सकते हैं। इसके साथ अगर तेजी से बाल झड़ रहे हैं तो पपीते के बीजों का पेस्ट बालों को मजबूती देने में मदद करता है और रूखेपन से भी राहत मिलती है। हफ्ते में 1 बार बालों पर पेस्ट लगाना अच्छा रहेगा।

मासिक धर्म में दर्द की परेशानी आम हो चुकी है। गलत खानपान और कम शारीरिक गतिविधि की वजह से मासिक धर्म के समय दर्द की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में पपीते का सेवन दर्द में राहत देता है।

(MK)

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