कमर की अकड़न और मानसिक तनाव से हैं परेशान? रोजाना करें अर्द्धउष्ट्रासन

आज की व्यस्त दिनचर्या में शरीर की जकड़न, पीठ दर्द और मानसिक तनाव आम समस्याएं बन चुकी हैं।
कमर की अकड़न और मानसिक तनाव से हैं परेशान? रोजाना करें अर्द्धउष्ट्रासन
कमर की अकड़न और मानसिक तनाव से हैं परेशान? रोजाना करें अर्द्धउष्ट्रासनIANS
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आज की व्यस्त दिनचर्या में शरीर की जकड़न, पीठ दर्द और मानसिक तनाव आम समस्याएं बन चुकी हैं। ऐसे में योग न केवल शरीर को लचीला और मजबूत बनाता है, बल्कि मन को शांत रखने में भी मदद करता है। इन्हीं योगासनों में अर्द्धउष्ट्रासन भी शामिल है, जो शरीर को कई तरह के लाभ पहुंचाता है।

इस आसन को 'हाफ कैमल पोज' के नाम से भी जाना जाता है, जो पूर्ण उष्ट्रासन का एक कम तीव्र रूप है। यह आसन खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं या कमर और कंधों में अकड़न महसूस करते हैं।

नियमित अभ्यास से यह रीढ़ को लचीला बनाने, तनाव को कम करने और शरीर को ऊर्जावान रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इसे शुरुआती स्तर का योगासन बताया है। मंत्रालय के अनुसार, यह शरीर के अगले हिस्से (छाती और पेट) को खींचता है और पीठ को मजबूती देता है। यह पूर्ण 'उष्ट्रासन' (ऊंट मुद्रा) का एक सरल रूप है, जिसे आसानी से दैनिक दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

इसे नियमानुसार करने से पेट की मांसपेशियों में खिंचाव होता है, जिससे पाचन तंत्र बेहतर होता है और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। यह आसन हृदय चक्र को खोलने में मदद करता है, जिससे तनाव और चिंता में कमी आती है। कूल्हों, जांघों और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे शरीर की समग्र ताकत बढ़ती है। साथ ही, यह रक्त संचार को बेहतर करता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।

शुरुआती और मध्यवर्ती स्तर के अभ्यर्थियों के लिए यह आसन आदर्श है, क्योंकि इसे शारीरिक क्षमता के अनुसार आसानी से किया जा सकता है। नियमित अभ्यास से यह आसन न केवल शारीरिक लचीलापन बढ़ाता है, बल्कि मानसिक स्थिरता और आत्मविश्वास को भी प्रोत्साहित करता है।

हालांकि, जिन लोगों को हर्निया, आर्थराइटिस (गठिया), चक्कर आने की समस्या, पेट या पीठ में गंभीर चोट या दर्द हो, उन्हें यह आसन करने से बचना चाहिए। इसके अलावा, गंभीर हृदय रोग या उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को भी विशेषज्ञ की सलाह के बिना इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए। [SP]

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