नंबर के जरिए बोलती है लिवर की सेहत, जानें क्या है एएलटी टेस्ट, क्यों है जरूरी

लिवर शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो कई जरूरी कार्य एक साथ करता है। इसे शरीर की 'केमिकल फैक्ट्री' भी कहा जाता है, क्योंकि यह लगातार शरीर को स्वस्थ रखने में काम करता रहता है।
नंबर के जरिए बोलती है लिवर की सेहत, जानें क्या है एएलटी टेस्ट, क्यों है जरूरी
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लिवर शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो कई जरूरी कार्य एक साथ करता है। इसे शरीर की 'केमिकल फैक्ट्री' भी कहा जाता है, क्योंकि यह लगातार शरीर को स्वस्थ रखने में काम करता रहता है। ऐसे में लिवर की सेहत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय लिवर स्वास्थ्य को लेकर लोगों को जागरूक करते हुए एएलटी टेस्ट के बारे में जानकारी देता है।

लिवर न केवल भोजन को पचाने बल्कि शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने और कई जरूरी प्रोटीन बनाने का काम करता है, इसलिए लीवर को स्वस्थ रखना पूरे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है। स्वास्थ्य मंत्रालय का साफ संदेश है कि “चेतावनी वाले संकेतों का इंतजार न करें। अपना एएलटी के साथ अपनी सेहत जानें। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, खासकर वे लोग जो मोटापे से ग्रस्त हैं, डायबिटीज के मरीज हैं या ज्यादा शराब पीते हैं।

मंत्रालय के अनुसार, लिवर एक खास नंबर एएलटी के जरिए अपनी स्थिति बताता है। लक्षण दिखने से बहुत पहले ही यह नंबर लिवर की समस्या का संकेत दे सकता है।

एएलटी का पूरा नाम एलेनाइन एमिनो ट्रांस्फरेज है। इसे एसजीपीटी भी कहा जाता है। यह लिवर में पाया जाने वाला एक एंजाइम है। जब लिवर में कोई समस्या होती है, जैसे फैट जमा होना, सूजन या कोई दबाव पड़ना, तो यह एंजाइम खून में बढ़ जाता है। सामान्य एएलटी लेवल आमतौर पर 7 से 56 यू/एल तक होता है। अगर यह स्तर बढ़ जाए तो यह लिवर स्ट्रेस या फैटी लीवर की शुरुआती चेतावनी हो सकती है।

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, आजकल की व्यस्त और अनियमित लाइफस्टाइल की वजह से लिवर संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। मोटापा, ज्यादा शराब का सेवन, अनहेल्दी खान-पान और कम व्यायाम लिवर पर सबसे ज्यादा असर डालते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि लिवर की कई समस्याएं शुरुआत में कोई साफ लक्षण नहीं दिखातीं। जब लक्षण दिखते हैं, तब समस्या काफी बढ़ चुकी होती है।

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि एक साधारण ब्लड टेस्ट से एएलटी लेवल आसानी से पता चल जाता है। यह टेस्ट सस्ता, आसान और हर जगह उपलब्ध है। समय पर एएलटी लेवल जानकर व्यक्ति अपनी डाइट, व्यायाम और लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव कर सकता है। इससे गंभीर बीमारियों जैसे फैटी लीवर, हेपेटाइटिस या सिरोसिस से पहले ही बचाव संभव हो जाता है। [SP]

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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)

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