रावलपिंडी : हिरासत में 15 सदस्यीय अफगान परिवार, अवैध प्रवासियों पर पाकिस्तान की सख्ती तेज

पाकिस्तान के रावलपिंडी में कानून-व्यवस्था एजेंसियों ने 15 सदस्यों वाले एक अफगान परिवार को हिरासत में लिया है, जिसमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
पाकिस्तान: रावलपिंडी में 15 सदस्यीय अफगान परिवार हिरासत में, अवैध प्रवासियों पर सख्ती तेज
पाकिस्तान: रावलपिंडी में 15 सदस्यीय अफगान परिवार हिरासत में, अवैध प्रवासियों पर सख्ती तेजIANS
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पाकिस्तान के रावलपिंडी में कानून-व्यवस्था एजेंसियों ने 15 सदस्यों वाले एक अफगान परिवार को हिरासत में लिया है, जिसमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। यह कार्रवाई देश में अवैध रूप से रह रहे अफगान नागरिकों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत की गई है। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पाकिस्तान के अखबार ‘डॉन’ के अनुसार, स्वेच्छा से लौटने की तय समय सीमा खत्म होने के बाद अब तक 5,673 से ज्यादा अवैध अफगानों को वापस अफगानिस्तान भेजा जा चुका है। पुलिस और अन्य एजेंसियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे सभी डिपोर्ट किए गए अफगान नागरिकों का पूरा और सही रिकॉर्ड रखें, चाहे वे खुद लौटे हों या जबरन भेजे गए हों।

पुलिस को यह भी कहा गया है कि वे पूरा डेटा इकट्ठा करें, जिसकी जांच काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) की ओर से की जाएगी, ताकि सब कुछ सही तरीके से मॉनिटर किया जा सके।

14 अप्रैल को क्वेटा में पुलिस ने 20 से ज्यादा मकान मालिकों और दुकानदारों को गिरफ्तार किया, क्योंकि उन्होंने बिना दस्तावेज वाले अफगान प्रवासियों को किराए पर जगह दी थी।

अफगानिस्तान की प्रमुख समाचार एजेंसी 'खामा प्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की गई जो “किराया कानूनों का उल्लंघन” कर रहे थे। गिरफ्तार लोगों पर मौजूदा कानूनों के तहत केस दर्ज किए गए। इस अभियान के दौरान सैकड़ों अवैध अफगानों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया। इससे साफ है कि पाकिस्तान में इन प्रवासियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

बलूचिस्तान में रह रहे अफगान प्रवासियों का कहना है कि सरकार की पाबंदियों के कारण उनकी रोजमर्रा की जिंदगी काफी मुश्किल हो गई है। उन्हें घर, नौकरी और जरूरी सेवाएं हासिल करने में दिक्कत हो रही है।

'खामा प्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने इस्लामाबाद और आसपास के इलाकों में बिना दस्तावेज वाले विदेशी नागरिकों को मकान किराए पर देने पर रोक लगा दी है। साथ ही, बिजली-पानी, मोबाइल सिम और दूसरी जरूरी सेवाओं पर भी पाबंदियां बढ़ा दी गई हैं।

पिछले कुछ महीनों में अफगान शरणार्थियों ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य संस्थाओं को पत्र लिखकर अपनी चिंताएं जताई हैं। उन्होंने बढ़ती गिरफ्तारियों, परेशानियों और जबरन निर्वासन (डिपोर्टेशन) के बारे में शिकायत की है।

15 मार्च को, खैबर पख्तूनख्वा के स्वाबी जिले में पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर 300 से ज्यादा अवैध अफगान शरणार्थियों को हिरासत में लिया था। यह अभियान जिला प्रशासन और पुलिस के उस फैसले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें अवैध अफगानों को देश से बाहर भेजने की बात कही गई थी।

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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)

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