भारत और इजरायल के बीच आयरन डोम पर डील 'पक्की', पाकिस्तान के छूट जाएंगे पसीने

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच आज आयरन डोम पर बात बन सकती है।
भारत और इजराइल के प्रधानमंत्री एक दूसरे का अभिवादन करते हुए नजर आ रहे है  l
आयरन डोम के साथ-साथ, भारत इजरायल के नए आयरन डोम लेजर-बेस्ड सिस्टम में भी गहरी दिलचस्पी दिखा रहा है। Wikimedia commons
Author:
Published on
Updated on
2 min read

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच आज आयरन डोम पर बात बन सकती है। अगर दोनों देशों के बीच आयरन डोम को लेकर मुहर लग गई, देश की सुरक्षा में एक बड़ा कदम होगा।

दरअसल, 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने अपने स्वदेशी हथियारों की ताकत दिखाकर दुश्मनों के हर हमले को नाकाम कर दिया। यहां तक कि पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू गुरुवार को किंग डेविड होटल में एक बड़ी द्विपक्षीय मीटिंग करने से पहले 'यद वाशेम' जाएंगे। दोनों नेताओं के बीच इस चर्चा में भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा पर फोकस रहेगा। इसमें रक्षा, विज्ञान और तकनीक, व्यापार और लोगों के बीच मेलजोल में सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा, दोनों नेता जरूरी क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर भी विचार साझा करेंगे।

इस दौरान दोनों नेता आर्थिक, सुरक्षा और कूटनीतिक क्षेत्रों में कई एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे। इसका मकसद दोनों देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाना है। साइनिंग सेरेमनी के बाद, प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री नेतन्याहू मीडिया में संयुक्त बयान जारी करेंगे।

भारत का ध्यान आयरन डोम टेक्नोलॉजी हासिल करने के लिए इजरायल के साथ रणनीतिक साझेदारी पक्की करने पर केंद्रित है। प्रस्तावित व्यवस्था सीधे-सीधे खरीद से कहीं आगे है और इसे भारत के स्वदेशी 'मिशन सुदर्शन चक्र' का एक मुख्य हिस्सा माना जा रहा है। इसे प्रोजेक्ट कुशा के नाम से भी जाना जाता है।

इजरायल ने “मेक इन इंडिया” पहल के तहत भारत को आयरन डोम टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करने का ऑफिशियल ऑफर दिया है। इससे स्थानीय प्रोडक्शन और कम दूरी के रॉकेट, मोर्टार और ड्रोन का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किए गए मल्टी-लेयर्ड एयर डिफेंस सिस्टम में इंटीग्रेशन हो सकेगा।

आयरन डोम के साथ-साथ, भारत इजरायल के नए आयरन बीम लेजर-बेस्ड सिस्टम में भी गहरी दिलचस्पी दिखा रहा है। इसे कम लागत वाले हवाई खतरों के खिलाफ एक कॉस्ट-इफेक्टिव, लाइट-स्पीड सॉल्यूशन के तौर पर देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य भारतीय शहरों और अहम बुनियादी ढांचे को उच्च सफलता दर वाली सुरक्षा ढाल के माध्यम से सुरक्षित करना है, जो एस-400 जैसे लंबी दूरी के रक्षा प्लेटफॉर्म का पूरक बनेगी। व्यापक लक्ष्य 2030 तक एक “अभेद्य” राष्ट्रीय सुरक्षा कवच तैयार करना है।

'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों को तबाह करने के लिए स्वदेशी हथियारों और आधुनिक विदेशी हथियारों का इस्तेमाल किया था। ब्रह्मोस, हैमर गाइडेड बम, राफेल, सुखोई एसयू-30एमकेआई और मिराज 2000 के जरिए भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था।

(VT)

भारत और इजराइल के प्रधानमंत्री एक दूसरे का अभिवादन करते हुए नजर आ रहे है  l
Israel-Palestine Violent Clashes: इजरायल पर हो रहे हमलों के बीच भारत दो गुटों में बटा!

Related Stories

No stories found.
logo
www.newsgram.in