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पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जो अपनी हरकतों के कारण हमेशा ही चर्चा का विषय बना रहता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी बेइज्जती अक्सर होती है। फिर चाहे वो कश्मीर का मुद्दा हो या आतंकवाद का मुद्दा, हर मामले में पाकिस्तान की खूब बेइज्जती होती है। इस बार भी ये देश चर्चा में है लेकिन इस बार मामला कुछ और है।
सोशल मीडिया पर एक खबर सामने आई है, जिसमें यह बताया गया कि इस मुल्क के 80 पर्सेंट से ज्यादा लोग गे (Gay) हैं जबकि बाकि बाइसेक्शुअल हैं। ये मुद्दा इस समय सोशल मीडिया पर काफी गरमाया हुआ है। ऐसे में आइये समझते हैं कि ये बात आई, तो आई कैसे और किसने यह बात बोली है?
पाकिस्तान की एक मशहूर ट्रांसजेंडर ऐक्टिविस्ट हैं, जिनका नाम है हिना बलोच (Hina Baloch)। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। उन्होंने वीडियो में यह दावा किया है कि पाकिस्तान के मर्दों में मर्दानगी नहीं है। हिना के मुताबिक पाकिस्तान के मर्द बाहर से जैसे दिखते हैं, अंदर से वैसे बिल्कुल नहीं हैं।
उनके मुताबिक वहां के मर्द अपनी असली पहचान छुपा रहे हैं और एक झूठी ज़िन्दगी जी रहे हैं। हिना ने यहाँ तक कह दिया कि पाकिस्तान के 80 प्रतिशत मर्दों को गे और बाकी के 20 प्रतिशत को बाइसेक्शुअल हैं। ट्रांसजेंडर ऐक्टिविस्ट द्वारा दिए गए इन आंकड़ों ने सबको हैरत में डाल दिया है। हिना कहती हैं कि मुल्क में शायद ही कोई मर्द होगा, जो पूरी तरह से 'स्ट्रेट' हो। उनके मुताबिक पाकिस्तान का हर एक मर्द किसी न किसी LGBTQ समुदाय से जुड़ा हुआ है लेकिन वो लोग इसे नहीं मानते हैं।
हिना बलोच (Hina Baloch) ने पाकिस्तान के अन्य लोगों के बारे में भी बड़ा खुलासा किया। उनका कहना है कि पाकिस्तानी समाज के लोग काफी दिखावा करते हैं, वे सभी पाखंडी हैं। हिना कहती हैं कि वे लोग दिन के उजाले में टीवी चैनलों पर बैठकर या महफिलों में ट्रांसजेंडर समुदाय का मजाक उड़ाते हैं। साथ ही इस कौम को काफी बुरा भला भी कहते हैं।
इसके साथ ही जब रात होती है, वे सभी अंधेरे में अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए ट्रांसजेंडर के पास आते हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक पाकिस्तानी मर्दो की जरूरत पूरी होती है, तब तक ठीक हैं लेकिन दुनिया के सामने वो ट्रांसजेंडर को इंसान का दर्जा नहीं देते हैं। हिना ने इसे पाकिस्तानी मर्दों की सबसे बड़ी दोगली नीति करार दिया।
गौरतलब है कि हिना बलोच (Hina Baloch) ने पाकिस्तान में ‘सिंध मूरत मार्च’ की सह-स्थापना की थी। उन्होंने इस मार्च में हिस्सा लिया था और ट्रांसजेंडर के अधिकारों बनकर उभरी थीं लेकिन इसकी उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ी थी। एक बार मार्च के दौरान उन्हें प्राइड फ्लैग लहराने के कारण भारी हिंसा का सामना करना पड़ा था।
उन्होंने दावा किया कि वहां के कानून एजेंसियों ने उनका अपहरण किया और उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया। इन्हीं सब कारणों के चलते उन्हें पाकिस्तान छोड़ना पड़ा। इस समय वो ब्रिटेन में शरणार्थी हैं और लंदन की एसओएएस यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप पर पढ़ाई कर रही हैं।