अवामी लीग ने यूरोपीय यूनियन का दरवाजा खटखटाया, बांग्लादेश में पार्टी पर लगे बैन को हटाने के लिए मांगी मदद

Awami League seeks EU help: बांग्लादेश में अवामी लीग के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है।
अवामी लीग ने यूरोपीय यूनियन का दरवाजा खटखटाया, बांग्लादेश में पार्टी पर लगे बैन को हटाने के लिए मांगी मदद
अवामी लीग ने यूरोपीय यूनियन का दरवाजा खटखटाया, बांग्लादेश में पार्टी पर लगे बैन को हटाने के लिए मांगी मददians
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Awami League seeks EU help: बांग्लादेश में अवामी लीग के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अवामी लीग के पूर्व सांसदों और नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने यूरोपीय संसद के सदस्य (एमईपी) बिली केलेहर से मुलाकात कर पार्टी पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन मांगा।

आयरलैंड में सोमवार को हुई एक मीटिंग के दौरान, अवामी लीग पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने बांग्लादेश में एक सही राजनीतिक और लोकतांत्रिक माहौल को फिर से बनाने और मानवाधिकार की स्थिति में सुधार की अपील की।

बांग्लादेशी मीडिया डेली टाइम्स ऑफ बांग्लादेश के अनुसार, इसमें शामिल होने वालों में एमईपी और पूर्व आयरिश मंत्री बिली केल्हेर; पूर्व अवामी लीग सांसद मोहम्मद हबीब मिल्लत; आयरलैंड छात्र लीग के अध्यक्ष नोमान चौधरी; आयरलैंड अवामी लीग के लीडर रफीक खान और फियाना फेल के स्टूडेंट विंग के चेयरमैन रदीन खान शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल ने यूरोपीय संसद से पार्टी पर लगे प्रतिबंध को हटाने तथा उसके मंत्रियों, सांसदों और कार्यकर्ताओं को जमानत दिलाने के लिए समर्थन देने का अनुरोध किया। अवामी लीग लगातार आरोप लगाती रही है कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है।

अवामी लीग के नेता मिल्लत ने एमईपी को बांग्लादेश की मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति, पुलिस अधिकारियों की हत्या, भीड़ हिंसा की घटनाओं, मानवाधिकार उल्लंघनों, उग्रवाद में वृद्धि तथा दंड से बच निकलने की प्रवृत्ति सहित कई मुद्दों की जानकारी दी।

इन चिंताओं को स्वीकार करते हुए केलेहर ने यूरोपीय संसद में इन मुद्दों को उठाने में रुचि दिखाई और कहा कि वह औपचारिक संवाद के माध्यम से बांग्लादेश सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास करेंगे।

इस बीच, एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश इन फ्रांस (जेएमबीएफ) ने जून के पहले हफ्ते में देश भर में अवामी लीग के तीन सौ से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मनमाने ढंग से की गई बड़ी गिरफ्तारियों, राजनीति से जुड़े मामलों, कोर्ट में परेशान करने और बांग्लादेश के आतंकवाद निरोधी अधिनियम के गलत इस्तेमाल की कड़ी निंदा की।

इसमें यह भी कहा गया कि इन लोगों को बांग्लादेश में शांतिपूर्ण रैलियों, सभाओं और राजनीतिक अभिव्यक्ति में हिस्सा लेने के अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए निशाना बनाया गया। गहरी चिंता जताते हुए, जेएमबीएफ ने कहा कि ये कार्रवाई देश में लोकतंत्र, कानून के शासन और बुनियादी मानवाधिकारों पर गंभीर हमला है।

संगठन ने कहा, "ये कदम केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ी अलग-थलग कार्रवाइयां नहीं हैं, बल्कि राजनीतिक विरोध को दबाने, असहमति की आवाजों को डराने और लोकतांत्रिक राजनीतिक गतिविधियों को सीमित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे एक सुनियोजित दमन अभियान का हिस्सा हैं।"

जेएमबीएफ ने मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों का हवाला देते हुए दावा किया कि 1 से 7 जून के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में चलाए गए अभियानों के दौरान अवामी लीग और उससे जुड़े संगठनों के कम से कम 333 नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को गिरफ्तार किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, उनके खिलाफ आतंकवाद निरोधी अधिनियम और दूसरे सख्त कानूनों के तहत केस दर्ज किए गए और बाद में उन्हें जेल में डाल दिया गया।

जेएमबीएफ ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, मानवाधिकार संगठन और डिप्लोमैटिक मिशन से अपील की कि वे बांग्लादेश में चल रहे राजनीतिक दबाव, बिना सोचे-समझे बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों, राजनीतिक वजहों से चलाए जा रहे केस, कोर्ट में परेशान करने और बोलने की आजादी पर पाबंदियों पर करीब से नजर रखें और मानवाधिकार की रक्षा के लिए असरदार कदम उठाएं। (MK)

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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)

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