

हाल ही में अमेरिकी संसद की कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) ने एक रिपोर्ट तैयार की। इसमें दावा किया गया कि ईरान संघर्ष में अमेरिका के करीब 42 विमान या तो नष्ट हो गए या उन्हें नुकसान पहुंचा। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इसे उन दावों की पुष्टि करार दिया जिसे तेहरान लगातार कहता आ रहा है।
13 मई को प्रकाशित सीआरएस रिपोर्ट का हवाला देते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ईरान संघर्ष शुरू होने के कई महीने बाद, अमेरिकी कांग्रेस ने अरबों डॉलर की कीमत वाले दर्जनों विमान खोने की बात स्वीकार की।"
अराघची के मुताबिक ये बताता है कि उनकी शक्तिशाली सशस्त्र सेना में एफ-35 को मार गिराने का माद्दा है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जो पाठ इस संघर्ष से सीखा गया है वो बताता है कि "जंग में वापसी कई और चौंकाने वाले मोड़ लेकर आ सकती है।"
सीआरएस की रिपोर्ट में कहा गया है कि 42 विमानों के नुकसान का आंकड़ा बढ़ भी सकता है, क्योंकि कई मामलों की जानकारी अभी गोपनीय है और नुकसान की पुष्टि अलग-अलग सोर्स से की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इनमें स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट और स्पेशल ऑपरेशन प्लेन भी शामिल हैं।
सीआरएस अमेरिकी संसद और उसकी समितियों को कानूनी और नीतिगत विश्लेषण देने वाली संस्था है। उसने यह आंकड़े अमेरिकी रक्षा विभाग और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के बयानों के अलावा मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किए हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिकी सेना ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान ये नुकसान झेला। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 40 दिन का अमेरिकी-इजराइली हवाई अभियान था, जो 28 फरवरी 2026 से ईरान के खिलाफ चला।
रिपोर्ट के अनुसार, 12 मई 2026 को हुई एक सुनवाई के दौरान, अध्यक्षीय पेंटागन नियंत्रक जूल्स डब्ल्यू. हर्स्ट III ने गवाही दी कि ईरान में सैन्य अभियानों के लिए विभाग का लागत अनुमान बढ़कर 29 अरब डॉलर पहुंच गया। हालांकि पेंटागन ने अब तक कुल नुकसान का कोई आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)