

अमेरिकी टैरिफ कम होकर 10 प्रतिशत तक आने पर एक्सपर्ट्स ने शनिवार को कहा कि यह कदम वैश्विक व्यापार को सामान्य करने में मदद करेगा। इसके साथ बिजनेस और निवेशकों को अधिक स्पष्टता मिलेगी। ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में आईएएनएस से बातचीत करते हुए, एआईएमए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विशाल कंपानी ने कहा कि अमेरिकी सरकार द्वारा टैरिफ को पहले के 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करना एक स्वागत योग्य कदम है। संशोधित दर अगले 150 दिनों तक लागू रहेगी।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि उभरते बाजारों के लिए यह एक बहुत ही सकारात्मक घटनाक्रम है। हम टैरिफ की दरें कम होकर 18 प्रतिशत होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब यह कम होकर अगले 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत हो जाएंगी।"
उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से वैश्विक व्यापार (World Trade) में एकरूपता लाने में मदद मिलती है। उनके अनुसार, पहले कई देशों में अलग-अलग टैरिफ दरें थीं, लेकिन भारत सहित सभी देशों में 10 प्रतिशत की दर तय करने से व्यवस्था को सामान्य बनाने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा, "इससे सब कुछ पहले जैसा हो जाता है।"
हालांकि, कंपानी ने सावधानी बरतने की भी सलाह दी, और कहा कि अमेरिका के पास कई नीतिगत उपाय उपलब्ध हैं। उन्होंने आईएएनएस को आगे कहा कि यह देखना काफी महत्वपूर्ण होगा कि वे इन नियमों को फिर से बदलने के लिए क्या उपाय अपनाते हैं।
साथ ही यह भी कहा कि अमेरिका (America) के भीतर आंतरिक संघर्ष चल रहे हैं जो भविष्य के नीतिगत निर्णयों को प्रभावित कर सकते हैं। एआईएमए कार्यक्रम के बारे में बात करते हुए, कंपानी ने कहा कि वे इसके 70वें वर्ष में नेतृत्व टीम का हिस्सा बनकर बहुत खुश हैं।
उन्होंने इस सम्मेलन को काफी अच्छा बताया, जिसमें राजनीति, अर्थशास्त्र, वित्त और कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
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