आखिरकार पोल खुल गई, डोनाल्ड ट्रंप के करीबी के कारण नहीं हो रही थी भारत-अमेरिका की ट्रेड डील

भारत-अमेरिका के ट्रेड डील को लेकर चल रहे घमासान के बीच अमेरिका के व्हाइटहाउस की अंदरूनी कलह अब बाहर आई है और चर्चा का विषय बन गया है।
तस्वीर में ट्रम्प को देखा जा सकता है।
आखिरकार पोल खुल गई, डोनाल्ड ट्रंप के करीबी के कारण नहीं हो रही थी भारत-अमेरिका की ट्रेड डीलWikimedia commons
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Summary
  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सीनेटर टेड क्रूज़ का ऑडियो वायरल, ट्रम्प प्रशासन पर रिश्ते बिगाड़ने का आरोप।

  • क्रूज़ ने डील में देरी के लिए ट्रम्प, जेडी वेन्स और पीटर नवारो को जिम्मेदार बताया।

  • नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी में अंदरूनी खींचतान तेज।

भारत-अमेरिका के ट्रेड डील को लेकर चल रहे घमासान के बीच अमेरिका के व्हाइटहाउस की अंदरूनी कलह अब बाहर आई है और चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी सीनेटर का एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है। वायरल क्लिप में सीनेटर टेड क्रूज़ ने भारत से खराब हुए रिश्ते के लिए डोनाल्ड ट्रम्प को दोषी ठहराया है। जैसे ही यह क्लिप बाहर निकलकर आती है रिपब्लिकन खेमे में चल रही अंदरूनी कलह भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

क्या है पूरा मामला ?

बता दें कि अमेरिका के एक सीनेटर का ऑडियो क्लिप वायरल (Viral) हो रहा है। एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार वायरल (Viral) क्लिप में अमेरिका के सीनेटर टेड क्रूज़ (Senator Ted Cruz) ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और भारत के बीच चल रहे ट्रेड डील में हुई देरी के लिए पूर्ण रूप से ट्रम्प और उनका प्रशासन दोषी है। टेड क्रूज़ के अनुसार भारत अमेरिका ट्रेड डील में देरी के लिए पीटर नवरो (Peter Navarro),जे डी वेन्स (JD Vance) और डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) निजी तौर पर ज़िम्मेदार है।

बता दें कि जे डी वेन्स (JD Vance) अमेरिका के उपराष्ट्रपति हैं और पीटर नवारो व्हाइटहाउस (White House) के आर्थिक सलाहकार हैं।ऑडियो क्लिप से यह भी पता चला है कि क्रूज़ सहित कई अन्य सीनेटरों द्वारा ट्रम्प को मुक्ति दिवस टैरिफ़ लागू करने से रोका गया था क्योंकि इससे रिपब्लिकन पार्टी को काफी नुकसान भी होने की आशंका जताई गयी थी। आशंका यहाँ तक जताई गई थी कि सीनेट (Senate) और व्हाइटहाउस (White House) दोनों रिपब्लिकन पार्टी (Republican Party) के हाथ से निकल सकते हैं। ऑडियो क्लिप वायरल होने से एक बात तो साफ़ है कि रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं के बीच ट्रम्प को लेकर चल रही खींचतान उनके चुनावों पर असर डाल सकता है।

कब है मध्यावधि चुनाव ?

अमेरिका में नवम्बर 2026 में मध्यावधि चुनाव प्रस्तावित है। ये मध्यावधि चुनाव अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए नहीं बल्कि सीनेट (Senate) के सदस्यों और हाउस ऑफ़ रिप्रेजेन्टेटिव (House of Representative) की सीटों पर चुनाव है। इस चुनाव में कई राज्यों के गवर्नरों की सीटों पर चुनाव होने हैं। बता दें कि मध्यावधि चुनाव प्रत्येक दो वर्ष के पश्चात होते हैं जिसमें हाउस ऑफ़ रिप्रेजेन्टेटिव (House of Representative) के 435 सीट पर चुनाव होते हैं। इनको अमेरिका की जनता चुनकर भेजती है। इसी मध्यावधि चुनाव को लेकर रिपब्लिकन (Republicans) के बीच खींचतान मची हुई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के द्वारा लिए जा रहे निर्णयों का असर इस चुनाव में भी देखने को मिल सकता है। क्रूज़ का कहना है कि अगर इस चुनाव में रिपब्लिकन को नुकसान होता है तो ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग लाने पर विचार किया जायेगा।

ट्रम्प का दावोस से दावा

हाल ही में ट्रम्प ने दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकनोमिक फोरम (World Economic Forum) के मंच पर यह कहते हुए दावा किया है कि भारत (India) के साथ रिश्तों में सुधार हो रहे हैं। वहीं दूसरे हाथ ट्रम्प (Trump) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफों में पुल बांधने का भी प्रयास किया है। देखना यह है कि ट्रम्प के द्वारा किया जा रहा दावा कितना सही साबित हो होता है। दूसरी तरफ वायरल ऑडियो क्लिप में तस्वीर कुछ अलग ही नज़र आ रही है। आगे यह देखना है कि ट्रम्प के फैसलों का अमेरिका (America) के मध्यावधि चुनाव और भारत के साथ ट्रेड डील पर कितना असर पड़ता है। हालांकि ट्रम्प प्रशासन की तरफ से रिश्तों को मज़बूत करने का दावा किया जा रहा है।

[Rh/PY]

तस्वीर में ट्रम्प को देखा जा सकता है।
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