जब यूपी की पहली महिला CM को हुआ 20 साल बड़े नेता से प्यार, हैरान रह गए थे बापू! 

उत्तर प्रदेश की पहली मुख्यमंत्री बनीं सुचेता कृपलानी अपने राजनीतिक कारणों से तो जानी ही जाती हैं, लेकिन अपनी अनोखी प्रेम कहानी के लिए भी अपने समय में चर्चाओं का केंद्र बिंदु बनीं। सुचेता कृपलानी का सफर राजनीति से लेकर प्रेम कहानी तक काँटों भरा ही था। वो कहते हैं न कि अगर इतिहास के पन्नों पर अपना नाम दर्ज कराना हो तो संघर्ष ही पहली सीढ़ी है। आइए जानते हैं सुचेता कृपलानी की दिलचस्प कहानी।
इस  तस्वीर में mahatma gandhi and sucheta kripalani हैं.
जब यूपी की पहली महिला CM को हुआ 20 साल बड़े नेता से प्यार, हैरान रह गए थे बापू! x
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की पहली मुख्यमंत्री बनीं सुचेता कृपलानी (Sucheta Kripalani) अपने राजनीतिक कारणों से तो जानी ही जाती हैं, लेकिन अपनी अनोखी प्रेम कहानी के लिए भी अपने समय में चर्चाओं का केंद्र बिंदु बनीं। सुचेता कृपलानी का सफर राजनीति से लेकर प्रेम कहानी तक काँटों भरा ही था। वो कहते हैं न कि अगर इतिहास के पन्नों पर अपना नाम दर्ज कराना हो तो संघर्ष ही पहली सीढ़ी है। आइए जानते हैं सुचेता कृपलानी की दिलचस्प कहानी।

कौन थीं सुचेता कृपलानी (Sucheta Kripalani)?

सुचेता कृपलानी का जन्म 25 जून 1908 को अंबाला, हरियाणा (तब पंजाब का हिस्सा) में हुआ था। उस वक्त वह सुचेता मजूमदार के नाम से जानी जाती थीं। वह हमेशा से ही पढ़ाई-लिखाई में तेज़ रही हैं। उनका दाखिला बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में 'Constitutional History' में हुआ था। यह वही समय था जब देश आज़ादी के लिए लड़ रहा था। सुचेता यूनिवर्सिटी में पढ़ती रहीं और वहीं से उनकी रुचि राजनीति में हो गई।

आचार्य जे.बी. कृपलानी (Acharya J.B. Kriplani) से मुलाकात

देश अंग्रेजों से अपनी आजादी के लिए संघर्ष कर रहा था और आचार्य जे.बी. कृपलानी (Acharya J.B. Kriplani) कांग्रेस से जुड़े नेता युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ने का कार्य कर रहे थे। आचार्य आंदोलन के लिए जगह-जगह स्वयंसेवकों की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पढ़ रही सुचेता मजूमदार से हुई।

इस मुलाकात के बाद सुचेता की जिंदगी में नया अध्याय शुरू होता है। पहली मुलाकात में ही समझ आ गया था कि दोनों के विचार आपस में काफी मिलते हैं। इस कारण उनकी बातचीत होने लगी। उनकी मुलाकातें धीरे-धीरे गहरे रिश्ते में तब्दील हो गईं।

इस तस्वीर में Acharya J.B. Kriplani हैं
आचार्य जे.बी. कृपलानी (Acharya J.B. Kriplani) से मुलाकात x

सुचेता कृपलानी की प्रेमकथा

वैसे तो उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से जुड़े नेताओं का केवल राजनीति के किस्सों में बोलबाला होता है, लेकिन सुचेता कृपलानी अपनी प्रेमकथा के कारण भी काफी चर्चाओं में रहीं। (Sucheta Kripalani) सुचेता और आचार्य जे.बी. कृपलानी ने एक साथ काम किया, जहां से उनकी बातचीत बढ़ने लगी और दोनों ने शादी करने का फैसला लिया। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, आचार्य जे.बी. कृपलानी सुचेता से करीब 20 साल बड़े थे। बता दें, इस समय सुचेता की उम्र 28 वर्ष थी जबकि आचार्य जे. बी. कृपलानी की उम्र 48 वर्ष थी.

दोनों के परिजनों ने भी इस रिश्ते को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। परिजन ही नहीं, उनके रिश्ते से महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) भी पहले खुश नहीं थे। गांधी का मानना था कि अगर इनकी शादी होती है तो शायद वह अपना प्रिय दाहिना हाथ खो देंगे। अर्थात यदि उनकी शादी हुई तो आचार्य (Acharya J.B. Kriplani) का ध्यान आंदोलन से हटकर अपने नवविवाहित जीवन पर जाने लगेगा। लेकिन इस बात पर सुचेता ने गांधी से कहा- यदि हमारी शादी हो जाती है तो आपको एक नहीं दो कार्यकर्ता मिलेंगे।           

जरा सोचकर देखिए, 1930 में समाज में पहले ही काफी परंपराएं थीं। ऐसे में पढ़ी-लिखी महिला जो अपनी मर्जी से शादी करना चाहती है और वह भी 20 साल बड़े उम्र के व्यक्ति से शादी करना चाहती थी। जाहिर सी बात है, दोनों की शादी का फैसला घर तक ही सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे समाज में फैल जाता। कुछ ऐसा ही इन दोनों की कहानी में भी हुआ। खैर, सुचेता लोगों के डर से अपने फैसले से पीछे नहीं हटीं और फिर दोनों शादी के बंधन में बंध  गए।

यूपी की बनीं पहली महिला मुख्यमंत्री

सुचेता (Sucheta Kripalani) की जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ 2 अक्टूबर 1963 को आया। उन्होंने इस दिन उत्तर प्रदेश जैसी बड़ी आबादी वाले राज्य की कमान संभाली। उन्होंने इस दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। हालांकि, उनका यह सफर भी कठिन रहा। उस समय कांग्रेस को नया नेता चुनना था। इस कड़े मुकाबले में सुचेता कृपलानी ने कमलापति त्रिपाठी को मात देकर कांग्रेस विधायक दल का संचालन किया और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।

सुचेता कृपलानी और जे. बी. कृपलानी की मृत्यु कैसे और कब हुई?

सुचेता कृपलानी (Sucheta Kripalani) की मृत्यु 1 दिसंबर 1974 को भारत की राजधानी दिल्ली में हुई। उनकी मृत्यु प्राकृतिक थी। जबकि उनके पति आचार्य जे. बी. कृपलानी (Acharya J.B. Kriplani), जिनका पूरा नाम आचार्य जीवटराम भगवानदास कृपलानी था, उनकी मृत्यु 19 मार्च 1982 को 93 वर्ष की आयु में गुजरात के अहमदाबाद में हुई। जानकारी के अनुसार, उनकी मृत्यु भी प्राकृतिक कारणों से हुई थी।(VR/MK)

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