'हां, हम पत्नी के पैर छूते हैं', लोकसभा में रवि किशन ने विपक्षियों को दी खास सलाह

लोकसभा में महिला आरक्षण पर चर्चा में भाग लेते हुए शुक्रवार को भाजपा सांसद रवि किशन ने अपने अंदाज में कहा कि 'हां हम पत्नी के पैर छुइलां…' उनकी इस बात पर सदन में मौजूद सदस्यों के साथ ही पीठासीन जगदंबिका पाल भी मुस्कुरा उठे।
हां हम पत्नी के पैर छूते है
हां हम पत्नी के पैर छूते हैIANS
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लोकसभा में महिला आरक्षण पर चर्चा में भाग लेते हुए शुक्रवार को भाजपा सांसद रवि किशन ने अपने अंदाज में कहा कि 'हां हम पत्नी के पैर छुइलां…' उनकी इस बात पर सदन में मौजूद सदस्यों के साथ ही पीठासीन जगदंबिका पाल भी मुस्कुरा उठे।

संबोधन की शुरुआत में रवि किशन ने कहा, ''आज का दिन स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा और मैं संविधान से जुड़े तीनों विधेयकों का समर्थन करता हूं। ये कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक नए भारत के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है। यह सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है, जिसने नामुमकिन को मुमकिन बना दिया।''

इसी दौरान उन्होंने महिला आरक्षण को चुनावी मुद्दा बताने पर विपक्ष को आड़े हाथ लिया और कहा, ''ये कोई चुनावी मुद्दा नहीं है। विपक्ष महिला आरक्षण का विरोधी है।''

रवि किशन ने अपने बचपन और गरीबी के दिनों को भी याद किया। उन्होंने कहा, ''मेरे गांव और घर में उस समय चूल्हा और शौचालय जैसी सुविधाएं नहीं थीं। ऐसे में मैंने महिलाओं के दर्द को देखा है। वह शौच के लिए शाम के अंधेरे का इंतजार करती थीं, उस अंधेरे के दर्द को मैंने अपने घर में भी महसूस किया। मैंने चूल्हा फूंकते हुए अपनी दादी की आंखों को भी तकलीफ में देखा है।''

उन्होंने आगे कहा, ''पीएम मोदी आए, तो महिलाओं के उस दर्द का निस्तारण हुआ, देश जागरुक हुआ। देश की महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, चाहे वह पढ़ाई हो या खेल। फिर क्यों ये दरवाजे उन महिलाओं को रोक रहे हैं। 140 करोड़ की आबादी में 70 करोड़ महिलाएं हैं।''

इस बीच सदन में हल्का-फुल्का माहौल तब बना जब पीठासीन जगदंबिका पाल ने मजाकिया अंदाज में कहा, ''आपका प्रचार तो आपकी पत्नी ही करती हैं।'' इस पर रवि किशन ने जवाब दिया कि उनके लाखों वोटों में एक बड़ा हिस्सा उनकी पत्नी का होता है। उन्होंने कहा, ''मुझे लाखों वोट मिलते हैं, मेरा 1.50 लाख वोट तो मेरी पत्नी लेकर आती हैं।''

इस पर जगदंबिका पाल कहते है, ''तो, आप पत्नी के पैर छुएलां न?'' इस पर रवि किशन गर्व के साथ कहते है, ''हां हम पत्नी के पैर छुइलां। सबके छुए के चाहीं। विरोधी लोगन के बड़ा कष्ट भइया। क्यों नहीं छूना चाहिए। वही लक्ष्मी है, वही देवी है। हमारे दुख में, जब मेरे पास पैसा नहीं था, जब मैं सिनेमा में स्ट्रगल करता था, गरीबी में पत्नी ने मेरा साथ दिया। तो, मैं क्यों नहीं उसका पैर छू लूं। वह पैर छूने नहीं देती हैं। जब वह गहरी नींद में रहती हैं, तब मैं पैर छूता हूं। विरोधियों को भी पत्नी के पैर छूना चाहिए, तब रवि किशन बनेंगे आप, तब विश्व आपको जानेगा।''

इसी बीच जगदंबिका पाल ने कहा, ''अब आपकै काम बनि गइल। चलि गइल दूर-दूर तक संदेश महिलाओं के बीच, ऐसा कोई पत्नीव्रता है।' [SP]

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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)

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