यशराज फिल्म्स मेरे लिए फिल्म स्कूल से कम नहीं है: अभिराज मीनावाला

क्राइम थ्रिलर फिल्म 'मर्दानी-3' सिनेमाघरों में दर्शकों का दिल जीत रही है। रानी मुखर्जी के साथ फिल्म के सभी कलाकारों के कार्यों को सराहा जा रहा है।
अभिराज मीनावाला
यशराज फिल्म्स मेरे लिए फिल्म स्कूल से कम नहीं है: अभिराज मीनावाला IANS
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क्राइम थ्रिलर फिल्म 'मर्दानी-3' सिनेमाघरों में दर्शकों का दिल जीत रही है। रानी मुखर्जी के साथ फिल्म के सभी कलाकारों के कार्यों को सराहा जा रहा है। हाल ही में फिल्म के निर्देशक अभिराज मीनावाला ने यशराज के साथ काम करने के अनुभव को शेयर किया और कहा कि यशराज उनके लिए एक फिल्म स्कूल है।

अभिराज मीनावाला (Abhiraj Minawala) ने मर्दानी की स्क्रिप्ट मिलने पर कहा, "सच कहूं तो यशराज फिल्म्स मेरे लिए सिर्फ एक प्रोडक्शन हाउस नहीं, बल्कि एक फिल्म स्कूल और परिवार है। मेरी पहली फिल्म 'रॉकेट सिंह' यहीं से शुरू हुई थी। कॉलेज खत्म होते ही मैंने यह फिल्म की थी। उस समय मेरा प्लान (Plan)था कि 'रॉकेट सिंह' के बाद एक-दो फिल्मों में काम करूंगा। इसके बाद फिर एक्टिंग स्कूल में कोर्स करके और बेहतर तरीके से काम शुरू करूंगा, लेकिन किस्मत में कुछ और ही लिखा था। एक के बाद फिल्में मिलती गईं और कारवां बनता गया। अब मुझे लगता है कि मेरे लिए असली फिल्म स्कूल यही रहा। इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।"

अभिराज ने आगे कहा कि मर्दानी की फ्रेंचाइजी में काम करना उनके लिए बहुत बड़ी बात थी। उन्होंने कहा, "जब मेरे पास आदि सर (आदित्य चोपड़ा) का ऑफर आया कि क्या तुम मर्दानी करना चाहोगे, तो ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी, क्योंकि 'मर्दानी-1' को प्रदीप सर ने बनाया था, जो शानदार निर्देशक हैं। उन्होंने शिवानी की दुनिया को बहुत शानदार तरीके से बनाया था। गोपी सर, जो 'मर्दानी-1' के लेखक और '2' के निर्देशक हैं, उन्होंने इसे एक आकार दिया था। जब मुझे यह मौका मिला तो उत्साह के साथ-साथ जिम्मेदारी भी महसूस हुई। रानी मुखर्जी जैसी बेहतरीन अभिनेत्री के साथ काम करना था। स्क्रिप्ट (Script) को न्याय देना और पूरी फ्रेंचाइजी को आगे बढ़ाना, दोनों चुनौतियां थीं।"

निर्देशक ने फिल्म (Film)की स्क्रिप्ट की तैयारी करने की प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने कहा, "स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद रानी और हमारे लेखक आयुष गुप्ता के साथ हमारी मीटिंग्स हुई थीं, जिससे हर सीन और सीक्वेंस पहले से ही हर चीज पर विस्तार से चर्चा हो जाए। रानी मैम का नजरिया क्या है, मेरा क्या है, और लेखक इसे कैसे देख रहे हैं, यह सब समझना जरूरी था।

उन्होंने आगे बताया, "हमारा इरादा यही था कि प्री-प्रोडक्शन में ही सारी तैयारी कर ली जाए, जिससे शूटिंग के समय सिर्फ एक्टिंग और क्रिएटिव काम पर फोकस रहे। सेट पर भी कई बार चीजें बदलती हैं, लेकिन अच्छी तैयारी से प्रोड्यूसर का समय और पैसा बचता है। रानी मैम का इतने सालों का अनुभव हमारे लिए बहुत काम आया।"

[PY]

अभिराज मीनावाला
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