जब एक के बाद एक कॉमेडी रोल मिलने से परेशान हो गए थे शरमन जोशी, फिर बदली अपनी रणनीति

बॉलीवुड में कई ऐसे कलाकार हैं, जिन्होंने अपने अभिनय के दम पर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई, लेकिन उन्हें अक्सर एक ही तरह के किरदारों में बांध दिया गया।
जब एक के बाद एक कॉमेडी रोल मिलने से परेशान हो गए थे शरमन जोशी, फिर बदली अपनी रणनीति
जब एक के बाद एक कॉमेडी रोल मिलने से परेशान हो गए थे शरमन जोशी, फिर बदली अपनी रणनीतिIANS
Published on

बॉलीवुड में कई ऐसे कलाकार हैं, जिन्होंने अपने अभिनय के दम पर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई, लेकिन उन्हें अक्सर एक ही तरह के किरदारों में बांध दिया गया। अभिनेता शरमन जोशी भी उन कलाकारों में शामिल हैं। फिल्मों में शानदार कॉमिक टाइमिंग के चलते उन्हें लगातार हास्य भूमिकाएं मिलने लगी थीं, लेकिन शरमन खुद को एक तरह की भूमिका में बांधकर नहीं रखना चाहते थे।

यही वजह रही कि उन्होंने समय के साथ अलग-अलग तरह के किरदार चुनने शुरू किए और खुद को एक गंभीर अभिनेता के रूप में भी साबित किया। आज शरमन जोशी का नाम उन कलाकारों में लिया जाता है, जिन्होंने मेहनत और अभिनय के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई।

शरमन जोशी का जन्म 28 अप्रैल 1979 को नागपुर में हुआ था। उनका परिवार अभिनय और थिएटर की दुनिया से जुड़ा हुआ था। उनके पिता अरविंद जोशी गुजराती थिएटर के बड़े कलाकार थे। घर में कला और अभिनय का माहौल होने की वजह से शरमन का झुकाव भी बचपन से अभिनय की ओर हो गया। उन्होंने फिल्मों में आने से पहले लंबे समय तक थिएटर में काम किया और अभिनय की बारीकियां सीखी और यही अनुभव आगे चलकर उनके बहुत काम आया।

शरमन जोशी ने साल 1999 में फिल्म 'गॉडमदर' से बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन पहचान 'स्टाइल' फिल्म से मिली। इस फिल्म को युवाओं ने काफी पसंद किया। बाद में उन्होंने 'एक्सक्यूज मी' और 'शादी नंबर 1' जैसी फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों से उनकी कॉमिक शैली लोगों को पसंद आने लगी थी।

साल 2006 शरमन जोशी के करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ। इसी साल वह 'रंग दे बसंती' और 'गोलमाल: फन अनलिमिटेड' जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। दोनों ही फिल्में बड़ी हिट साबित हुईं। 'गोलमाल' में उनके निभाए गए किरदार ने दर्शकों को खूब हंसाया। इसके बाद फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें लगातार कॉमेडी रोल मिलने लगे। धीरे-धीरे शरमन को महसूस होने लगा कि लोग उन्हें सिर्फ हास्य अभिनेता के रूप में देखने लगे हैं। ऐसे में उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी और अलग तरह के किरदार चुनने का फैसला किया।

शरमन ने सिर्फ कॉमेडी फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। 'लाइफ इन ए... मेट्रो' में उन्होंने एक भावुक किरदार निभाया। वहीं, 'फरारी की सवारी' में वह एक साधारण पिता के रोल में नजर आए, जो अपने बेटे का सपना पूरा करने के लिए संघर्ष करता है। इस फिल्म में उनके अभिनय की खूब तारीफ हुई। इसके अलावा, '3 इडिट्स' में निभाया गया 'राजू रस्तोगी' का किरदार आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। इस फिल्म ने सफलता के नए रिकॉर्ड बनाए और शरमन को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का आईफा पुरस्कार भी मिला।

फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने वेब सीरीज की दुनिया में भी कदम रखा और 'बारिश' जैसी सीरीज में अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। निजी जिंदगी की बात करें तो शरमन जोशी ने प्रेम चोपड़ा की बेटी प्रेरणा चोपड़ा से शादी की। दोनों के तीन बच्चे हैं। [SP]

जब एक के बाद एक कॉमेडी रोल मिलने से परेशान हो गए थे शरमन जोशी, फिर बदली अपनी रणनीति
सिनेमा जगत की वो खूबसूरत हसीना, जिसे महमूद बुलाते थे 'भाई', जिनकी मजबूरी बनी किस्मत की चाबी

(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)

Related Stories

No stories found.
logo
www.newsgram.in