

नीता गुप्ता और विव रिचर्ड्स 1980 के दशक में रिश्ते में थे, लेकिन शादी नहीं हो सकी क्योंकि दोनों के करियर और देशों के बीच दूरी के कारण साथ रहना व्यावहारिक नहीं था।
नीना ने बताया कि उन्होंने प्यार के चलते मसाबा को जन्म देने का फैसला खुद लिया, मसाबा गुप्ता को विवियन रिचर्ड्स ने सार्वजनिक रूप से अपनी बेटी माना, लेकिन परवरिश नीना ने अकेले की।
दोनों की पहली मुलाकात जयपुर की एक डिनर पार्टी में हुई थी; नीना गुप्ता बाद में सफल अभिनेत्री बनीं, जबकि विवियन रिचर्ड्स वेस्टइंडीज के महान आक्रामक बल्लेबाजों में गिने जाते हैं।
साल 1955 में एक फिल्म आई थी, नाम था 'श्री 420', जिसमें एक बड़ा ही मशहूर गाना है, जिसे लोग आज भी लोग गुनगुनाते हैं। गाने के बोल कुछ इस प्रकार है :- 'प्यार हुआ इकरार हुआ है, प्यार से फिर क्यों डरता है दिल'।
इस गाने की लाइन बॉलीवुड अभिनेत्री नीना गुप्ता (Neena Gupta) और दिग्गज पूर्व क्रिकेटर विव रिचर्ड्स (Viv Richards) की प्रेम कहानी पर सटीक बैठती है। क्यों? क्योंकि दोनों के बीच प्यार का परवान तो चढ़ा लेकिन अंजाम तक नहीं पहुंच पाया।
दोनों कभी भी एक दूसरे से शादी नहीं कर पाए। हालांकि, इसी बीच नीना गुप्ता (Neena Gupta) का एक इंटरव्यू सामने आया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि क्यों दोनों कभी साथ नहीं हो पाए? आइये समझते हैं पूरी कहानी।
नीना गुप्ता (Neena Gupta) बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्रियों में से एक हैं। साल 2018 में आई फिल्म बधाई हो ने उन्हें और भी ज्यादा मशहूर बना दिया। नीना के साथ वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर विव रिचर्ड्स (Viv Richards) का नाम भी काफी जोड़ा जाता है। दोनों काफी समय तक रिलेशनशिप में रहे थे। इसी बीच वो मशहूर पत्रकार शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में आईं थी और इस दौरान नीना ने विव रिचर्ड्स के साथ अपने संबंधो पर खुलकर बात की।
पत्रकार शुभांकर ने उनसे पूछा कि क्या वो और विव रिचर्ड्स एक-दूसरे से प्यार करते थे। इसपर नीना गुप्ता (Neena Gupta) ने कहा कि उनसे जाकर पूछो। सब उनसे डरते हैं, मुझसे क्यों पूछते हो? साले से जाकर पूछो (मजाकिया अंदाज में)। उन्होंने आगे कहा कि हम थोड़े समय साथ रहे, लेकिन वह समय बहुत खूबसूरत था।
शादी क्यों नहीं हुई इसपर नीना ने कहा कि यह व्यावहारिक नहीं था। या तो मुझे नौकरी छोड़कर वेस्टइंडीज जाना पड़ता, या उन्हें अपना करियर छोड़कर भारत आना पड़ता और ये दोनों मुमकिन नहीं था।
उन्होंने आगे कहा कि उस समय मैं प्यार में अंधी थी। ऐसे समय में कोई दूसरों की बात नहीं सुनता। बच्चे को जन्म देने का फैसला मेरा था। उन्होंने मुझे सपोर्ट भी किया।”
नीना ने यह भी बताया कि विव रिचर्ड्स ने कभी भी यह मानने से इंकार नहीं किया कई मसाबा गुप्ता उनकी बेटी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अकेले बच्चे की परवरिश करना आसान नहीं होता और यह बच्चे के लिए भी आसान नहीं होता।
बता दें कि साल 2008 में नीना गुप्ता (Neena Gupta) ने चार्टर्ड अकाउंटटेंट विवेक मेहरा से शादी रचाई थी जबकि पहली शादी उन्होंने कॉलेज के दौरान अम्लान कुसुम घोस से की थी, जो 1977 में हुई थी और एक साल के भीतर टूट गई।
कहा जाता है कि नीना गुप्ता (Neena Gupta) और विव रिचर्ड्स (Viv Richards) की प्रेम कहानी 1980 के दशक में शुरू हुई थी। ये उस दौर की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में से एक थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों की मुलाकात जयपुर की महारानी के द्वारा दी गई एक डिनर पार्टी के दौरान हुई थी। इस बात का खुलासा बॉलीवुड अभिनेत्री ने अपनी एक किताब "सच कहूं तो" में किया है। उन्होंने बताया कि वो बंटवारा फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। एक दिन यूनिट के सभी स्टार कास्ट के साथ जयपुर की महारानी के यहां एक पार्टी में शामिल होने गयी। यहीं दोनों पहली बार मिले।
इस पार्टी में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम को भी बुलाया गया था क्योंकि उनका भारत से मैच था। नीना रिचर्ड्स की अंग्रेजी बोलने की कला से काफी प्रभावित हुई थी। फिर इसके बाद दोनों की मुलाकात दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई जहाँ से प्रेम कहानी की शुरुआत हुई। बता दें कि नीना उस समय मां बनी थी जब विव रिचर्ड्स पहले से शादी शुदा थे। 2 नवंबर 1989 को नीना गुप्ता ने मसाबा को जन्म दिया था।
नीना गुप्ता (Neena Gupta) के फ़िल्मी करियर की बात करें तो उन्होंने साल 1982 में आई 'साथ-साथ' हिंदी फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके साथ ही वो उसी साल फिल्म 'गाँधी' में भी दिखी थीं। साथ ही कहा जाता है कि 'आधारशिला' उनकी शुरूआती फिल्मों में से एक थी। अब तक वो 140 से ज्यादा फ़िल्में कर चुकी हैं। साल 2018 में आई 'बधाई हो' उनके करियर की बेस्ट फिल्म मानी जाती है।
वहीं, विव रिचर्ड्स (Viv Richards) की बात करें तो उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 121 टेस्ट में 8,540 रन बनाए हैं, जिसमे 24 शतक शामिल हैं। साथ ही 187 वनडे मैचों में उनके नाम 6,721 रन दर्ज हैं। विव रिचर्ड्स अपने दौर के आक्रामक खिलाड़ियों में से एक थे। उनकी और सुनील गावस्कर की तुलना अक्सर होती रहती थी।