सोशल मीडिया पर विशाल डडलानी को 'इंडियन आइडल' से हटाने की मांग, पाकिस्तानी जर्नलिस्ट के साथ दिखने पर बवाल

भारतीय सिंगर और संगीत रिकॉर्डर विशाल डडलानी अक्सर अपने बयानों की वजह से विवादों में घिरे रहते हैं। लेकिन, हाल ही में उनके पाकिस्तानी जर्नलिस्ट से मिलने की फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भूचाल आ गया है।
भारतीय सिंगर और संगीत रिकॉर्डर विशाल डडलानी
भारतीय सिंगर और संगीत रिकॉर्डर विशाल डडलानी IANS
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भारतीय सिंगर और संगीत रिकॉर्डर विशाल डडलानी अक्सर अपने बयानों की वजह से विवादों में घिरे रहते हैं। लेकिन, हाल ही में उनके पाकिस्तानी जर्नलिस्ट से मिलने की फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भूचाल आ गया है। सोशल मीडिया पर सिंगर को शो 'इंडियन आइडल' से हटाने की मांग हो रही है। यूजर्स का कहना है कि विशाल देशद्रोही हैं और सोनी टीवी वालों को ऐसे सिंगर को बतौर जज नहीं रखना चाहिए।

दरअसल, विशाल डडलानी को पाकिस्तानी जर्नलिस्ट सफीना खान के साथ देखा गया था। वीडियो में सफीना खान सिंगर की जमकर तारीफ कर रही हैं और सिंगर उन्हें धन्यवाद देते हुए नहीं थक रहे हैं। सफीना कोई आम जर्नलिस्ट नहीं हैं, उन पर कथित रूप से आईएसआई से जुड़े होने के आरोप लग चुके हैं। दोनों को साथ देखकर पहले ही सोशल मीडिया पर विशाल की आलोचना शुरू हो गई थी, लेकिन अब शो इंडियन आइडल से उन्हें हटाने की मांग तेज हो गई है।

यूजर्स का कहना है कि अगर सोनी टीवी शो से सिंगर को नहीं हटाता है तो शो का बॉयकॉट किया जाएगा। सोशल मीडिया पर सिंगर का पाकिस्तानी कनेक्शन भी जोड़ा जा रहा है। उन पर देश की संप्रभुता पर प्रहार करने के आरोप लग रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "विशाल डडलानी ने पाकिस्तानी आतंकवादियों के साथ गठबंधन करके हमारी संप्रभुता और एक राष्ट्र के रूप में हमारे अस्तित्व के अधिकार पर सवाल उठाया है। यह स्पष्ट रूप से नई भारतीय परिभाषा के अनुसार आतंकवाद का कृत्य है। उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।" वहीं बहुत सारे यूजर्स इंडियन आइडल से सिंगर को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान से संबंध रखने वाले लोगों को टीवी का इतना बड़ा मंच नहीं देना चाहिए।

बता दें कि इससे पहले सिंगर ने बिना फिल्म धुरंधर-2 का नाम लिए साल 2016 में हुई नोटबंदी पर प्रहार किया था। फिल्म धुरंधर-2 में नोटबंदी को आतंक फंडिंग रोकने का जरिया बताया गया है, लेकिन विशाल ने एक डेटा शेयर कर यह कहने की कोशिश की कि नोटबंदी के दौरान 90 फीसदी से अधिक पैसा जमा किया गया, जो 'ब्लैक मनी' को रोकने के दावे को गलत साबित करता है। फिल्म को सिर्फ एंटरटेनमेंट के नजरिए से देखें, नॉलेज के लिए नहीं। [SP]

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