

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और फिल्म 'डॉन 3' को लेकर चल रहा विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में अब फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) ने भी सख्त रुख अपनाया है। फिल्म के निर्माता फरहान अख्तर की शिकायत के बाद फेडरेशन ने रणवीर सिंह के खिलाफ 'नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव' जारी कर दिया है। इसी बीच एफडब्ल्यूआईसीई के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने आईएएनएस से बातचीत में पूरे विवाद को विस्तार से समझाया और इंडस्ट्री में बढ़ रहे इस ट्रेंड पर चिंता जताई।
आईएएनएस से बात करते हुए अशोक पंडित ने कहा, ''फिल्म इंडस्ट्री एक भरोसे पर चलने वाली व्यवस्था है। यहां जब कोई निर्माता किसी अभिनेता को साइन करता है, तो उसके बाद पूरी टीम उसी के अनुसार काम शुरू कर देती है। फिल्म की तैयारी, शूटिंग की प्लानिंग, लोकेशन, तकनीकी टीम, सेट और बाकी सभी चीजों पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं।''
उन्होंने कहा कि जैसे ही किसी फिल्म की तैयारी शुरू होती है, निर्माता का पैसा लगातार लगना शुरू हो जाता है। ऐसे में अगर कोई अभिनेता आखिरी समय में फिल्म छोड़ देता है, तो उसका असर सिर्फ निर्माता पर नहीं बल्कि सैकड़ों वर्कर्स और तकनीशियनों पर भी पड़ता है।
उन्होंने आगे कहा कि 'डॉन 3' फिल्म की तैयारियां काफी आगे बढ़ चुकी थीं। शूटिंग की प्लानिंग हो चुकी थी और यूनिट लगभग रवाना होने वाली थी। लेकिन, तभी रणवीर सिंह ने अचानक प्रोजेक्ट से पीछे हटने का फैसला लिया। चाहे वजह कुछ भी रही हो, लेकिन इस तरह आखिरी समय पर फिल्म छोड़ देना इंडस्ट्री के लिए एक खतरनाक ट्रेंड बन सकता है।
अशोक पंडित ने कहा, ''जब यह मामला हम तक पहुंचा, तो फेडरेशन ने पहले इसे शांतिपूर्वक सुलझाने की कोशिश की। रणवीर सिंह को बुलाकर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया। फेडरेशन ने उन्हें कई बार नोटिस और रिमाइंडर भेजे, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। बाद में जब प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा हुई, तब रणवीर की टीम की ओर से एक ईमेल भेजा गया, जिससे फेडरेशन संतुष्ट नहीं है।''
उन्होंने कहा, ''फेडरेशन चाहता था कि रणवीर सिंह खुद सामने आकर बात करें, क्योंकि इतना बड़ा मामला केवल मैनेजर या प्रतिनिधि के जरिए हल नहीं किया जा सकता। यह सिर्फ एक फिल्म का मामला नहीं है, बल्कि पूरी इंडस्ट्री के भरोसे और काम करने के तरीके से जुड़ा मुद्दा है। इंडस्ट्री इमोशनल बॉन्डिंग और ट्रस्ट फैक्टर पर काम करती है। निर्माता, निर्देशक, अभिनेता और तकनीशियन एक-दूसरे पर भरोसा करके काम करते हैं। अगर यह भरोसा टूटने लगे, तो भविष्य में निर्माता किसी बड़े स्टार पर निवेश करने से डरेंगे। इससे पूरी इंडस्ट्री प्रभावित हो सकती है। यह खतरनाक ट्रेंड बन सकता है।''
एफडब्ल्यूआईसीई ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया। इसका मतलब यह है कि फेडरेशन से जुड़े सदस्य, तकनीशियन और वर्कर्स फिलहाल रणवीर सिंह या उनके प्रोजेक्ट्स के साथ सहयोग नहीं करेंगे। साथ ही निर्माता संगठनों से भी इस मामले में साथ देने की अपील की गई है।
पूरा विवाद फिल्म 'डॉन 3' से जुड़ा है। इस फिल्म की घोषणा साल 2023 में हुई थी, और इसमें रणवीर सिंह को लीड रोल में लिया गया था। पहले अभिनेत्री कियारा आडवाणी भी फिल्म का हिस्सा थीं, लेकिन बाद में उन्होंने प्रेग्नेंसी और ब्रेक के कारण प्रोजेक्ट छोड़ दिया। इसके बाद फिल्म की शूटिंग लगातार टलती रही।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रणवीर सिंह स्क्रिप्ट में कुछ बदलाव चाहते थे, लेकिन मेकर्स इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी बीच रणवीर ने फिल्म छोड़ दी। इसके बाद फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने दावा किया कि उन्हें करीब 45 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
बताया जा रहा है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए इंडस्ट्री के कई बड़े लोगों ने कोशिश की थी। यहां तक कि आमिर खान ने भी बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। (MK)
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)