

सुभाष घई की कंपनी मुक्ता आर्ट्स अब एनीमेशन की दुनिया में कदम रख रही है। वह अपनी ही फिल्मों को एनीमेशन रूप में बनाएंगे। उनकी पहली एनीमेशन फिल्म कालीचरण होगी, जो उनकी पुरानी फिल्म का नया रूप होगी।
घई ने कहा, "देखिए, आजकल हर जगह एआई का नाम ज्यादा सुनने को मिलता है। एनीमेशन और गेमिंग की बात थोड़ी कम सुनने को मिलती, लेकिन असल में ये तीनों मिलकर एक बहुत बड़ी इंडस्ट्री बनने वाली हैं। भविष्य में यह भारत में अरबों डॉलर की इंडस्ट्री बन सकती है।"
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारे देश में टैलेंट की कमी नहीं है। भारतीय (Indians)बहुत प्रतिभाशाली होते हैं, उनके पास कंटेंट अच्छा होता है और बेहतरीन टेक्निशियन भी हैं। जरूरत सिर्फ इस बात की है कि हमारी भारतीय कहानियों को आगे लाया जाए। इन कहानियों को गेमिंग और एनीमेशन के जरिए लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। एआई एक तरह का सहायक टूल है, जो इस काम को आसान बनाएगा। आगे चलकर एआई इतना आम हो सकता है कि घर की रसोई तक पहुंच जाए और खाना बनाने में भी मदद कर सकता है।"
उन्होंने कहा, "मैं सबसे पहले तो अपनी फिल्म कालीचरण को दिखाना चाहता हूं। ऐसा इसलिए भी क्योंकि इसकी कहानी बहुत दिलचस्प और मजेदार है और मुझे लगता है कि आज के बच्चों को भी इसकी कहानी जाननी चाहिए। यह ऐसी फिल्म है जिसे थिएटर में भी दिखाया जा सकता है और एनीमेशन के रूप में भी बनाया जा सकता है। उन्होंने आगे ये भी बताया कि एनीमेशन में कहानी को थोड़ा अलग तरीके से दिखाया जाएगा।
उन्होंने कहा, "कहानी की मूल कहानी (प्लॉट) वही रहेगी, लेकिन कलाकार और उसे प्रस्तुत करने का अंदाज अलग होगा।" इसके साथ ही उन्होंने सलीम खान की सेहत को लेकर भी प्रतिक्रिया दी और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
उन्होंने कहा, "वे बहुत अच्छे इंसान हैं और मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और मैं ये भी जानता हूं कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री उनके लिए प्रार्थना कर रही है। मैं भगवान (God) से कामना करता हूं कि वे जल्दी ठीक हो जाएं।"
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