बजट 2026: मिडिल क्लास पर सरकार मेहरबान ! जानें इनकम टैक्स स्लैब में क्या बदलाव हुआ?

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 1 फ़रवरी 2026 बजट पेश किया। कड़ी सुरक्षा के बीच निर्मला सीतारमण संसद पहुंची और कैबिनेट मीटिंग के बाद सदन में बजट प्रस्तुत किया।
तस्वीर में इन्कमटैक्स चार्ट देख सकते हैं।
बजट 2026: मिडिल क्लास पर सरकार मेहरबान ! जानें इनकम टैक्स स्लैब में क्या बदलाव हुआ?AI Generated
Reviewed By :
Published on
Updated on
4 min read
Summary
  • Budget 2026 पेश: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में बजट पेश किया। यह एक ही प्रधानमंत्री के कार्यकाल में उनका लगातार नौवां बजट है, जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

  • टैक्सपेयर्स को राहत: नए इनकम टैक्स एक्ट को 1 अप्रैल 2026 से लागू करने की घोषणा। ITR-1 और ITR-2 की अंतिम तारीख 31 जुलाई, LRS के तहत शिक्षा व इलाज पर TCS 5% से घटाकर 2%, जबकि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं।

  • आर्थिक संतुलन पर फोकस: 2026–27 में राजकोषीय घाटा 4.3% और कर्ज-जीडीपी अनुपात 55.6% रहने का अनुमान। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत होने की बात कही।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 1 फ़रवरी 2026 बजट पेश किया। कड़ी सुरक्षा के बीच निर्मला सीतारमण संसद पहुंची और कैबिनेट मीटिंग के बाद सदन में बजट प्रस्तुत किया। इसी के साथ निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने एक ही प्रधानमंत्री के कार्यकाल में लगातार 9 बजट पेश करने का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज़ करा लिया है। यह बजट साल 2047 तक विकसित भारत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वैश्विक आर्थिक परिवर्तन के इस दौर में वित्तीय चुनौतियों को ध्यान में रखा गया । सीतारमण ने अपने भाषण में राजकोषीय घाटे का ज़िक्र करते हुए बताया कि कर्ज-जीडीपी अनुपात 2026-27 में 55.6 प्रतिशत रहने का प्रस्ताव किया जो चालू वित्त वर्ष में 56.1 प्रतिशत है। राजकोषीय घाटा 2026-27 में 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं चालू वित्त वर्ष में इसके 4.4 प्रतिशत का अनुमान है।

कर दाताओं के लिए थोड़ी राहत भरी ख़बर

केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने टैक्सपेयर्स (Tax Payers) के लिए कई अहम घोषणाएं की। उन्होंने बताया कि नए इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे और आयकर से जुड़े नियमों को पहले से अधिक सरल और पारदर्शी बनाया गया है। छोटे टैक्सपेयर्स (Tax Payers) के लिए एक नई स्कीम का भी प्रस्ताव रखा गया है, जिससे टैक्स अनुपालन आसान होगा और इससे माध्यम वर्ग को थोड़ी रहत भी मिली है।

वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि आईटीआर (ITR)-1 और आईटीआर (ITR)-2 दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है। इससे लाखों वेतनभोगी और छोटे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि फॉर्म को सरल बनाने के साथ-साथ टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को भी डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली किया गया है। हालांकि इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्या है आईटीआर- 1 और आईटीआर-2

बता दें कि आईटीआर-1 के अंतर्गत वे निवासी भारतीय नागरिक फार्म भर सकते हैं जिनकी सालाना आय 50 लाख तक है। वहीं आईटीआर-2 के अंतर्गत वे लोग आते हैं जिनकी सालाना आय 50 लाख से ज्यादा है और इनके आय का स्रोत म्युचुअल फंड (Mutual Funds), विदेशी आय, जमीन की खरीद बिक्री इत्यादि से सम्बंधित होती है। यह फार्म एनआरआई (NRI) और आरएनओआर (RNOR) भी भरते हैं।

वहीं दूसरी तरफ़ बजट 2026 में सरकार ने टीसीएस दरों में बड़ी राहत दी है। उदारीकृत प्रेषण योजना यानी लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (Liberalised Remittance Scheme) के तहत विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजी जाने वाली रकम पर लगने वाला टीसीएस (TCS) भी 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जो शिक्षा या मेडिकल कारणों से विदेश पैसा भेजते हैं।

टैक्स नियमों में भ्रम दूर करने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि मानव संसाधन सेवाओं की आपूर्ति को ठेकेदारों को किए गए भुगतानों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इसके तहत अब इन सेवाओं पर केवल 1 प्रतिशत या 2 प्रतिशत टीडीएस (TDS) लगेगा, जिससे कारोबारियों और श्रमिकों दोनों को सहूलियत मिलेगी।

यह भी पढ़ें : जेम्स विल्सन से निर्मला सीतारमण तक, भारत के बजट की 160 साल की कहानी

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने बजट 2026 के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को बधाई दी। उन्होंने कहा, "ये बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है। ये बजट ऐतिहासिक है। आज भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है।"

पीएम मोदी ने आगे कहा, '' बजट से भारत ग्लोबल पोजिशन मजबूत होगी। भारत तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनने जा रहा है। बजट से देश को गति मिलेगी। इससे आत्मनिर्भर भारत को नई रफ्तार मिलेगी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) कहा, "बजट 2026-27 के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी जी ने सिद्ध किया है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार का संकल्प है। इस बजट में न सिर्फ हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर नागरिक को सशक्त बनाने का एक स्पष्ट ब्लूप्रिंट है, बल्कि उसे प्रोत्साहन देने का एक जमीनी विजन भी है, जो उसे हर कदम पर मदद करेगा। विकसित भारत बजट एक ऐसे भारत के निर्माण का विजन है, जो विश्व में हर क्षेत्र में अग्रणी हो।"

वहीं लोकसभा में विपक्ष की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी (समाजवादी पार्टी) के नेता अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा है कि यह बजट केवल 5 प्रतिशत लोगों के लिए है। उन्होंने कहा कि इस बजट में ग्रामीण और गरीब लोगों के लिए कोई जगह नहीं है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) ने मामले पर किसी भी प्रकार की बयानबाजी से परहेज करते हुए सदन की अगली कार्यवाही में बोलने की बात कही।

तस्वीर में इन्कमटैक्स चार्ट देख सकते हैं।
Amit Shah Interview: “60 करोड़ गरीब लोगों को पीएम मोदी का अनमोल साथ”- अमित शाह

Related Stories

No stories found.
logo
www.newsgram.in