यूपी ने कोरोना को बनाया व्यवसाय का साधन

कोरोनाकाल में सैनिटाइजर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुई है। (Unsplash)
कोरोनाकाल में सैनिटाइजर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुई है। (Unsplash)
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कोरोना संक्रमण से बचाने में सैनिटाइजर की अहम भूमिका होती है। जब संक्रमण से दूसरे राज्य परेशान थे, उन्हें सैनिटाइजर की जरूरत थी, तब उत्तर प्रदेश से उन्हें सैनिटाइजर उपलब्ध कराया गया।

राज्य ने 1,76,66,000 लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन कर इतिहास रच दिया है।

प्रदेश में कुल उत्पादन क्षमता 6,00,000 लीटर से अधिक है। प्रदेश की सभी इकाइयों से 1,60,07,600 पैकिंग की मार्केट में आपूर्ति की जा चुकी है। अभी वर्तमान में कुल 51,88,260 पैकिंग बिक्री हेतु उपलब्ध हैं।

कोरोना आपदा से निपटने के प्रयास में वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सैनिटाइजर का उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने कई कंपनियों को सैनिटाइजर बनाने का लाइसेंस दिया है।

उत्तर प्रदेश में चीनी मिलें, डिस्टिलरी, सैनिटाइजर बनाने वाली कंपनियां और अन्य संस्थाएं सैनिटाइजर का उत्पादन कर रही हैं।

ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में उत्तर प्रदेश का बना सैनिटाइजर भेजा जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों, नगर निगम कर्मियों, पुलिस एवं जिला प्रशासन को निशुल्क सैनिटाइजर की आपूर्ति भी की जा रही है। (आईएएनएस)

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