मतदाताओं पर दबाव डालने के प्रयासों को विफल करेगा फेसबुक

मार्क जकरबर्ग, सीईओ, फेसबुक (Wikimedia Commons)
मार्क जकरबर्ग, सीईओ, फेसबुक (Wikimedia Commons)
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फेसबुक ने दोहराया है कि वह नवंबर, 2020 में होने जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने या उन पर दबाव डालने के प्रयासों को नाकाम करेंगे। साथ अपने प्लेटफॉर्म पर गलत सूचना फैलाने वाली हर चीज को बाहर निकालेंगे। रविवार को सीएनएन के साथ एक साक्षात्कार में फेसबुक के ग्लोबल अफेयर्स एंड कम्युनिकेशंस के वाइस प्रेसिडेंट निक क्लेग ने कहा कि "फेसबुक मतदाताओं पर दबाव बनाने प्रयासों को हटा देगा। अभी से लेकर नवंबर तक हम इसे और अधिक सख्ती से करने जा रहे हैं।"

फेसबुक ने हाल ही में अमेरिका में सबसे बड़े मतदाता सूचना अभियान के तहत एक नया मतदाता सूचना केंद्र शुरू किया है, जिसमें 4 मिलियन यानी 4 करोड़ मतदाताओं का पंजीकरण कराने का लक्ष्य है।

इस महीने की शुरुआत में, फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने कहा था कि प्लेटफॉर्म चुनाव से पहले के एक सप्ताह में नए राजनीतिक विज्ञापनों को स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही फेसबुक उन पोस्टों को भी हटा देगा जो यह दावा करते हैं कि वोटिंग में हिस्सा लेने पर लोगों को कोविड-19 संक्रमण हो जाएगा।

जकरबर्ग ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, "यदि कोई भी उम्मीदवार या अभियान परिणामों के आने से पहले ही जीत की घोषणा करने की कोशिश करता है, तो हम उनके पोस्ट में एक लेबल जोड़ेंगे। इस लेबल में लोगों को यह बताया जाएगा कि आधिकारिक परिणाम अभी तक नहीं आए हैं।"

कंपनी, 2020 के अमेरिकी चुनाव के दौरान प्रमुख राजनीतिक दृष्टिकोण पर फेसबुक और इंस्टाग्राम के प्रभाव को समझने के लिए एक रिसर्च करेगी। इसके लिए उसने एक कंपनी से साझेदारी की घोषणा की है।(आईएएनएस)

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