तिरुपति में तीन दिवसीय संस्कृत प्रतिभा महोउत्सव

तिरुपति : गुरुवार को राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ परिसर में देश भर के 21 संस्कृत संस्थानों का प्रतिनिधित्व कर रहे 240 छात्रों ने संस्कृत प्रतिभा महोउत्सव के पहले दिन भाग लिया।

अखिल भारतीय संस्कृत छात्र प्रतिभा महोत्सव पिछले 10 वर्षों से संस्कृत के क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए एक प्रमुख मंच बना हुआ है।

महोत्सव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सहयोग से विद्यापीठ द्वारा आयोजित किया जाता है। छात्रों को वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, अन्त्याक्षरी, मोनो एक्ट, एकांकी और लोक नृत्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलता है।

कुलपति हरे कृष्णा सत्पथी ने संस्कृत महोत्सव को छात्रों की बहुआयामी प्रतिभा को सामने लाने के लिए अनोखा और शानदार कार्यक्रम बताया।

महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए श्रीमान माधवा सिद्धान्ता प्रबोधक नाटका स्नातकोत्तर अध्ययन केंद्र, उडुपी के प्राचार्य एच.के.सुरेश आचार्य ने विद्यापीठ की सराहना की और विद्यापीठ को ‘ज्ञाना कल्पा द्रुमा'(ज्ञान का दिव्य वृक्ष) के रूप में वर्णित किया।

उन्होंने कहा कि”यहाँ छात्र समुदाय पूरे देश का प्रतिनिध्तित्व करता है,मैं उम्मीद करता हूँ कि छात्र शास्त्रों का ज्ञान ग्रहण कर सकें और मैं उनके भविष्य के प्रयासों में सफल होने की कामना करता हूँ।”

31 जनवरी को समापन सत्र में विद्यापीठ के चांसलर और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी भाग लेंगे।(एजेंसीज से इनपुट)