दक्षिण अफ्रीकी प्रोफेसर ने लिखी हिंदू धर्म पर किताब

डरबन: उत्तरी डरबन के क्वाज़ुलु-नटाल विश्वविद्यालय में विज्ञान विभाग के लिए काम करने वाले डॉ थिल्लायवेल नायडू ने हिन्दू धर्म पर छह दशकों से अधिक तक शोध किया है।

उन्होंने कहा कि “हिंदू धर्म लगभग पांच हजार से अधिक वर्ष पुराना है।” अतीत में कई पुस्तकें लिख चुके डॉ.नायडू अपनी नई पुस्तक “थ्री केनंस टू रिलीजियस इंटेलिजेंस” के साथ आए है, जिसे युवा पीढ़ी के साथ-साथ धार्मिक विद्वानों और आध्यात्मिक नेताओं को निश्चित ही पढना चाहिए।

नायडू हिंदू धर्म पर कई व्याख्यान दे चुके है और इससे पहले भी हिंदू धर्म पर कई पुस्तकें लिख चुके है। उन्होंने कहा, “इस पुस्तक में हिंदू धर्म के द्वारा उत्पादित तीन सबसे उत्कृष्ट शास्त्रों के बारे में मेरी व्याख्या है। किताब लिखने का मेरा कारण दुनिया में लिखे गए तीन सबसे महत्वपूर्ण लिखित ग्रंथों के संबंध में मेरे विचार व्यक्त करना है। तीन सिद्धांत उपनिषद, गीता, और ब्रह्म सूत्र हैं। मैं धर्म के बारे में किसी भी व्यक्ति या समूह को यह समझाने के लिए पूरी तरह से तैयार हूं। हालांकि, मैं केवल अपनी स्थिति के बारे में चर्चा कर सकता हूँ अगर लोग समझदारी से धर्म के बारे में चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन यह तर्कों पर आधारित होनी चाहिए,इसे बहस में नहीं बदलना चाहिए।”

दक्षिण अफ्रीका में धार्मिक खुफियावाद का कई अन्य धर्मों भी अभ्यास किया गया है। नायडू ने कहा कि “मेरा मानना है कि अन्य लोगों को धर्म के बारे में पढ़ाने से पहले या विस्तार से समझाने से पहले मेरा खुद अपने जीवन में धर्म पर विश्वास बहुत महत्वपूर्ण हैं। दक्षिण अफ्रीका और दुनिया के अन्य भागों में आने से पहले हिंदू धर्म का जन्म भारत में कैसे हुआ ये पता लगाया जाना बहुत महत्वपूर्ण है।”

“मेरी किताब बहुत ही आधुनिक संदर्भ में हिंदू धर्म के आध्यात्मिक संदेश की व्याख्या प्रस्तुत करती है और मैं चाहता हूँ कि भगवान श्री कृष्ण के संदेश को लोगों द्वारा और भी बेहतर तरीके से समझा जाए। मैं भगवान श्री कृष्ण पर जोर देता हूँ क्यूकी मैं उन्हें दुनिया के धार्मिक शिक्षकों में सर्वश्रेष्ठ मानता हूँ। (एजेंसियों से प्राप्त जानकारी)