पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों की संयुक्त राष्ट्र से गुहार

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पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग को लेकर पाकिस्तानी ईसाइयों और उनके समर्थकों ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उन सैकड़ों शरण चाहने वाले ईसाई पाकिस्तानियों की भी मदद करने की मांग की, जिन्हें थाईलैंड में रोक कर रखा गया है।

गत दिवस ईस्टर के अवसर पर पाकिस्तान के लाहौर में ईसाई समुदाय को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती विस्फोट के परिणामस्वरूप यह विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन के एक आयोजक तारिक जावेद ने कहा कि पाकिस्तान में ईसाई समुदाय के लोगों पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। यह खतरा सरकार और कट्टरपंथियों दोनों की तरफ से है। कभी सरकार ईश निंदा कानून लाती है तो कभी आतंकी संगठन और चरमपंथी नेता उन्हें निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि लाहौर विस्फोट ईसाइयों पर हमलों की श्रृंखला में ताजा घटना थी।

जावेद अंतर्राष्ट्रीय समुदाय संरक्षण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में ईसाइयों का उत्पीड़न खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, “लाहौर विस्फोट के आलोक में पाकिस्तान में ईसाइयों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने के लिए इस्लामाबाद पर दबाव डाला जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से 4000 ईसाई भाग कर थाईलैंड चले गए, जिनमें 500 को अवैध अप्रवासी मानकर रोका गया है। इन लोगों का बुरा हाल है। इनमें 11 लोगों की मौत भी हो गई।

थाईलैंड ने शरणार्थी संकल्प पर दस्तखत नहीं किए हैं, इसलिए पाकिस्तानी ईसाइयों को वहां शरण नहीं मिल सकती है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त को इस मामले में पहल करनी चाहिए और पाकिस्तानी ईसाइयों को वहां से मुक्त करा कर उनकी कहीं और व्यवस्था करनी चाहिए।

ब्रिटिश पाकिस्तानी ईसाई एसोसिएशन के अध्यक्ष विल्सन चौधरी ने कहा कि शरण चाहने वाले पाकिस्तानी ईसाइयों को अगर थाईलैंड लौटा भी देता है तो उन्हें पाकिस्तान में सरकार और कट्टरपंथी दोनों का उत्पीड़न झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो पाकिस्तानी ईसाई अपने देश में उत्पीड़न से परेशान होकर भागते हैं, उनके उत्पीड़न को ब्रिटेन सरकार भेदभाव मानती है। नतीजा है कि उन्हें ब्रिटेन में शरण नहीं मिलती है। इस नियम को बदलने के लिए हमारा संगठन काम कर रहा है।

उधर ‘होप फॉर पर्सक्यूटेड क्रिस्चन’ के अध्यक्ष हुबर्ट जॉर्ज ने कहा कि वह थाईलैंड में रोके गए पाकिस्तानी ईसाइयों को शरण देने के लिए वाशिंगटन से अपील कर रहे हैं।प्रदर्शन में करीब 50 लोग शामिल थे, जिनमें कुछ गैर पाकिस्तानी अमेरिकी भी थे।इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

इनपुट्स विज़न न्यूज़ ऑफ़ इंडिया से लिए गए है खबर आईएएनएस