जानिये – क्यों जरूरी है भेड़िया की जगह इंसानियत का जगना ?

भेड़िया
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प्रस्तुति: राकेश मनचन्दा

भेड़िया गुर्राता है

मशाल जलाइये घूरना ,गुराना बंद

क्यों हमारा चुना हुआ चौकीदार और नगर सेवक वोट के लिए भेड़िया जगाता है ?

मशाल जलाने की जगह जनता को क्यों बांटा जाता है ?

poison and rumours

 

 

 

 

 

 

 

भेड़िया आया भेड़िया आया – इस पुरानी कहानी का नए दिन नया प्रचार जनता में डर, जहर और फूट डालता है.

Mob road

 

 

 

 

 

 

 

नेता और भेड़िया दोनों मुनाफे और लालज के लिया चुन चुनकर शिकार करते है ।

नेता वोट और नोट के लिया , भेड़िया पेट के लिया – शिकार करता है

लोकतंत्र की जगह भीड़ तंत्र ज्यादा प्रोडक्टिव और फयदेमंद हो जाता है

Desh Prem
कप्तान

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इंसानियत की जगह झंडे , डंडे  ,नारे  और

देशप्रेम का नकली सहारा और शार्ट कट लिया जाता है.

Insaan quote

 

 

 

 

 

 

 

आज  के  समय  में  जब  देश  संघर्ष  के  दौर  से  गुजर  रहा  है,  तो  जनता  का  असली  दोस्त  और  दुश्मन  कौन  है इसका  पहचान  करना  बहुत  जरुरी हो गया  है ।

 

देशप्रेम के झूटे नारे लगवाए जाते है.

युसूफ कार्टून
युसूफ कार्टून

 

 

 

 

 

 

 

नेता का जानवर से लगाव नीरस कहानी में रोचकता की कमी पूरी करता है ।

कभी गौ माता तो कभी हॉर्स ट्रेडिंग और घूस की खबरे आती है ।

अर्थशास्त्र के एक्सपर्ट्स द्वारा “एनिमल स्पिरिट्स” का जगना बाजार की सेहत के लिये जरूरी बताया जाता है,

देश को माँ का दर्जा दिया जाता है किन्तु देश के पिता महात्मा गांधी की रोज हत्या होती है ।

Mata ki jai

 

 

 

 

 

 

 

 

 

राष्ट्रवाद बहुत जरुरी है, इस देश की मिटटी वाला राष्ट्रवाद । यूरोप से लिया गया राष्ट्रवाद इस देश में चलेगा नहीं । नेता जिस राष्ट्रवाद की बात करते हैं वो इस देश में नहीं चलेगा, हिंदुत्व के नाम पर जिसे चलाना चाहते है वो नहीं चलेगा। हमे अपना राष्ट्रवाद भगत सिंह , आंबेडकर , टैगोर , गांधी से सीखना होगा। ये हिटलर वाला राष्ट्रवाद इस देश में नहीं चलेगा।

बुनियादी फरक जानिये :

भेड़िया ,नेता और जनता में यही बुनियादी फर्क है ।

नेता बनाम चौकीदार और भेड़िया मिलकर एकसाथ शिकार करते है ।

Pack of hungry wolf

 

 

 

 

 

 

 

चौकीदार और भेड़िये में अधिक मुनाफे और लालज की होड़ में कई बार आपस में फूट पड जाती है ।

मशाल  जलने का मतलब सिर्फ अँधेरा हटना नहीं ।

इंसान और इंसानियत जिस दिन मिलकर एकसाथ जाग गये ।

Torch rally

उसी दिन शिकार और सत्ता का धंधा ख़त्म हो जाएगा

इसलिये जरूरी है भेड़िये की जगह इंसानियत का अब जगना जगाना ।

आप राकेश मनचन्दा जी से संपर्क कर सकते हैं….

[email protected], Mobile: +91 9953540829.