भारतीय महिला फोन घोटाले में भूमिका के कारण अमेरिका से निर्वासित

फोटो साभार- racinecountyedc.org

वाशिगटन : अमेरिका में एक 25 वर्षीय भारतीय महिला को मनी लॉड्रिंग के लिए तीन साल के प्रोबेशन की सजा सुनाई गयी और उसे निर्वासन का सामना करना पड़ा है।उसे यह सजा 1 लाख 70 हजार अमेरिकी डॉलर के फोन घोटाले में उसकी भूमिका के लिए दी गयी है।

निकिता पटेल लोगों द्वारा भेजे गए पैसे को उठाने वाले “रनर” के रूप में काम किया करती थी। अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने यह कह कर लोगों को मूर्ख बनाया कि वो आंतरिक राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी है।

सहायक बर्जेन काउंटी अभियोजक ब्रायन लिंच ने शुक्रवार को कहा कि”वो पैसे में से खुद का हिस्सा रख लेती और फिर बाकी को भारत भेज देती थी जहाँ से फर्जी फ़ोन काल किये जाते थे।”

पटेल एक और भारतीय आकाश एस पटेल के साथ पिछले साल सितंबर में गिरफ्तार किया गया था।शुक्रवार को सुपीरियर कोर्ट के न्यायाधीश सुसान जम्मू स्टील द्वारा मनी लॉड्रिंग के आरोप में तीन साल प्रोबेशन की सजा सुनाई गई है और उन्होंने कहा कि “ऐसे अपराध जो इसके द्वारा किया गया है एक स्थानिक समस्या हो गयी है।”

स्थानीय अभियोजक ने बताया कि “इस घोटाला में 32 राज्यों के 72 लोगों को शामिल है।”

संघीय सरकार ने उस पर एक निर्वासन डीटेनर रखा है। वह अभी जेल में ही रहेगी।

पटेल पर मूल रूप से धोखा,चोरी करने की साजिश एक दूसरी डिग्री अपराध का आरोप लगाया गया। निकिता को बाद में तीसरी डिग्री के मनी लॉड्रिंग करने के लिए दोषी पाया गया है। आकाश को नवंबर में एक तीसरी डिग्री चार्ज में दोषी पाया गया था, उसे प्रोबेशन की सजा सुनाई गयी थी। लिंच ने बताया कि आकाश जो एक भारतीय नागरिक है उसे निर्वासित कर दिया गया।