भारतीय मूल के अमेरिकी राज पारिख का आविष्कार- ‘जेनेसिस हाउस’

न्यूयॉर्क : भारतीय मूल के अमेरिकी राज पारिख जो कि 1980 से न्यू जर्सी,अमेरिका मे रह रहे है उन्होंने अपने बेटे के साथ मिल कर बर्फ पिघलाने वाली नई प्रणाली का आविष्कार किया है। इस प्रणाली की साहयता से हम आधे घंटे मे 1 इंच तक बर्फ पिघला सकते है।

पारिख ने इस प्रणाली को पर्यावरण को ध्यान मे रखते हुए बनाया है और इस प्रणाली का नाम रखा है “जेनेसिस हाउस”। घर मे ना कोई भटटी,ना कोई एयर कंडीशनर और ना ही कोई गर्म पानी हीटर फिर भी हम इसकी सहयता से बर्फ पिघला सकते है।

पारिख परिवार ने प्रकृति की शक्ति का उपयोग करते हुए बर्फ को पिघलाने का तरीका खोजा है। पारिख परिवार ने बर्फ पिघलाने के लिए भूतापीय प्रणाली विकसित की है जो सोलर कलेक्टर और भूतापीय पंपों की सहायता से पानी को 100 डिग्री तक गर्म करता है और फिर इस पानी को बर्फ से घिरी सड़क और रास्तों मे फैलाया जाता है,जिसके कारण बर्फ पिघल जाती है। पारिख घर को गर्म और ठंडा करने के लिए सूरज और ज़मीन का इस्तेमाल करते है।सर्दियों के दौरान, घर सूरज से गरम हवा को अंदर लेता है और पाइपिंग से पहले यह 12 फीट भूमिगत जमीन में जाती है फिर गर्म हवा घर के अंदर आती है।

रसोई और बाथरूम से निकलने वाली हवा से घर मे आ रही हवा को गर्म किया जाता है और ठंडा करने के लिए भी यही रास्ता अपनाया जाता है बस सोलर कलेक्टर्स का इस्तेमाल नहीं होता है।

राज पारिख के बेटे असित का कहना है कि सड़क से बर्फ हटाने वाले उपकरण व्यापक रूप से उपलब्ध हैं, लेकिन वे आम तौर पर गैस या तेल के प्रयोग से चलते है और उनसे पर्यावरण को नुक्सान होता है।

“गैस या तेल से चलने वाले ये उपकरण प्राक्रतिक को नुकसान पहुंचा रहे है लेकिन इस प्रणाली में किसी भी पदार्थ का दोहन नही होता है, इसमें सिर्फ पृथ्वी और सूर्य की उर्जा का इस्तेमाल होता है।”

इस घर मे वर्षा के पानी को इक्कट्ठा करने की प्रणाली भी है जो सर्दियों मे इक्कट्ठी हुई बर्फ को पिघलने के काम आता है।

अपनी इस कामयाबी की ख़ुशी को फेसबुक पर साझा करते हुए आसीत ने लिखा कि”दिन में सूर्य की गर्मी को इक्कट्ठा कर फिर 2 जमीन-स्रोत (भूतापीय) पंपों की सहायता से हमारी प्रणाली बर्फीले तूफान के समय में भी मार्ग को अवरुद्ध होने से रोकती है।”(आईएएनएस)(फोटो साभार- wikipedia)