गंगा तालाव

गंगा तालाव
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ऋचा मिश्रा

भारतीयों की अनेक विशेषताओं में से सर्वश्रेष्ठ विशेषता यह है कि भारतीय अपनी संस्कृति व अपने संस्कार को कभी भी नहीं छोड़ते, और शायद यही कारण है कि भारत में इतने विभिन्न संप्रदाय व समुदाय साथ में रहते है। वास्तव में यह भारतीयों के मन मस्तिष्क पर अनजान रूप से चिन्हित है कि स्वयं की पहचान को नहीं भूलना है और इसका प्रत्यक्ष उदहारण मॉरिशस है।
मॉरिशस के विशाल समुद्र में एक छोटा सा भारत ही है जोकि भारत की गंगा जमुना संस्कृति का परिचायक ही है। मॉरिशस की अधिकतम जनता भारतीय मूल की है, और वह काशी, अयोध्या नाम के अनेक स्थान भी है।
प्रवासी भारतीय को भी वहाँ पवित्रता हेतु गंगा तालाव  भी स्थित है। गंगा तालाव की पवित्रता उसी कोटि की है जिस कोटि की पवित्रता भारतवर्ष में गंगा नदी को प्राप्त है। गंगा तालाव सवण्णे जिले में स्थित है और मॉरिशस के भारतीयों के लिए निश्चित ही घर की याद के रूप में सदा ही उन्हें अपनी जड़ो से जोड़ता है। वहाँ के हिंदुओं  के लिए गंगा तालाव सबसे पवित्र स्थल है। गंगा तालाव के आस पास हिन्दू देवी देवताओ को समर्पित अनेक मंदिर भी है जिनमे सबसे प्रसिद्ध शिव व हनुमान का मंदिर है। भगवान शिव का मंदिर, मंगल महादेव का उद्घाटन वर्ष 2007 में हुआ था तथा वह 106 फ़ीट ऊँचा मंदिर है। मंगल महादेव विश्व के भव्यतम मंदिरो में से एक है।
पर्वो का मुख्या उद्देश्य समाज को व्यस्त जीवन से दूर राहत के कुछ पल बिताने का मौका देना ही है। मॉरिशस के भारतीयों के लिए महाशिवरात्रि ही उन पर्वो में से एक है जिनपर सभी हिन्दू गंगा तालाव के पास एकत्रित होते है और आपसी सुख दुःख बांटते है। शिवरात्रि के दिन प्रवासी हिन्दू कांवरियों की भांति मंगल महादेव तक जाते हैं तथा गंगा तालाव पर आरती करते है।
वास्तव में गंगा तालाव मॉरिशस में सभी हिन्दुओ (सभी भारतीयों) को जोड़ने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है और यही कारण है कि भारतीयता कि भारतीयता कि पहचान आज भी स्थापित है।