कैलिफोर्निया की पाठ्यपुस्तकों में बदलाव पर यू.एस हिन्दू समुदाय का विरोध

कैलिफोर्निया
dklevine

यू.एस में रह रहे हिन्दुओ ने कैलिफोर्निया शिक्षा विभाग के सुझावों के खिलाफ आवाज़ उठाई है । क्योकि कैलिफोर्निया शिक्षा विभाग अपने यहाँ पाठ्यपुस्तक में भारत और हिंदुत्व से जुड़े तथ्यों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है । शिक्षा विभाग ने “भारत” की जगह “दक्षिण एशिया” शब्द शामिल करने का सुझाव दिया है । यही कारण है, की हिन्दू समुदाय विरोध की मुद्रा में है। पुस्तकों में बदलाव के लिए गठित आयोग अपनी सिफारिशें राज्य शिक्षा बोर्ड के पास भेजेगा , साथ ही अनुमान है की आखिरी मसौदे को साल के अंत तक स्वीकृति मिल जाएगी और पुस्तकें नए प्रारूप में उपलब्ध होगी । जिसमें हिंदुत्व को विभिन्न धर्मों की स्वीकार्यता की बात को हटाते हुए इसे जाति से जोड़ा गया है । वाल्मीकि और व्यास जैसे ऋषियों के योगदान को भी हटा दिया गया है । हिदू एजुकेशन फाउंडेशन शिक्षा आयोग के साथ कई वर्षों से काम कर रहा है । संस्था के मुताबिक अंतिम क्षणों में कुछ वामपंथी विद्वानों के सुझावों पर भारत और हिदुत्व से जुड़े प्रतिकूल तथ्यों को जोड़ने की अनुशंसा की गई है।

विरोध पर कुछ गड़बड़ियों को दूर किया गया है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में शामिल तथ्यों की फिर से जांच-पड़ताल करने की जरूरत है । गैर ब्राह्माण ऋषि-मुनियों जैसे वाल्मीकि और व्यास का नाम पाठ्यपुस्तकों से हटाने का भी विरोध हो रहा है।

संस्था के मुताबिक यह आश्चर्य की बात है कि वंचितों और शोषितों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले दक्षिण एशियाई विभाग के वामपंथी शिक्षकों का समूह इन नामों को हटाने की बात कर रहा है। मालूम हो कि इस मसले पर 24 मार्च को आयोग ने छात्रों और अभिभावकों के साथ बैठक भी की थी । तुलसी गबार्ड और कैलिफोर्निया के सीनेटर स्टीवन एम. ग्लेजर ने भी इसका विरोध किया है।

खबर दैनिक जागरण से ली गई है।