सूरीनाम में दशकों से रही है भोजपुरी संगीत की धूम

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भोजपुरी बोलने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार के क्षेत्रों से बहुत सारे ग्रामीणों को फिजी,सूरीनाम और मॉरीशस जैसी जगहों पर अच्छी मजदूरी के नाम पर डच और ब्रिटिश नियोक्ताओं के द्वारा लाया गया था।1870 से 1916 के बीच 34,000 से अधिक भारतीयों को सूरीनाम लाया गया था।

अन्य चीनी आधारित औपनिवेशिक अर्थव्यवस्थाओं में अपने भाइयों की तरह ही इन भारतीयों को भी गन्ना खेत मालिकों के हवाले कर दिया गया और वादा किया गया कि वे पांच साल के बाद भारत लौट सकते है अगर वो स्वयं के जाने के खर्चे का भुगतान कर सकें। इनमे से एक तिहाई लौट सके लेकिन शेष नहीं लौट सके।

आज सूरीनाम की आबादी का लगभग 30 प्रतिशत भारतीय मूल के लोगों का है। वेस्टइंडीज में रह रहे अन्य प्रवासी भारतीय समुदायों की तरह ही सूरीनाम के भारतीयों को कभी-कभी “कलकत्तिअंस” कहा जाता है,जिनकी अपनी एक मजबूत सांस्कृतिक पहचान है जो पूरी तरह से भारतीय नहीं है बल्कि या तो क्रियोल है या फिर बहुमुखी है। समुदाय के संगीत बैठक गान ने सभी कैरेबियन क्षेत्रों में लोकप्रिय संगीत के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चलिए आपको मिलते कुछ प्रसिद्ध बैठक गान के गानों और संगीतकारों से-

रात के सपने
रामदेव चेतो

  • सूरीनाम हिंदुस्तानी संगीत के राजा कहे जाने वाले रामदेव चेतो 1967 में सूरीनाम संगीत की दुनिया में छा गए।
  • चेतो एक हारमोनियम वादक और एक भजन गायक थे।
  • हालांकि वो एक धार्मिक भक्ति संगीत गायक थे लेकिन उनके हारमोनियम और ड्रम की जोरदार हैंडलिंग ने उनके बहुत से भजनों को नृत्य हिट में बदल गया।
  • विशेष रूप से उनके गीत ‘रात के सपने’ ने सूरीनाम,वेस्टइंडियन देशों और यहां तक ​​की न्यूयॉर्क के कैरेबियन  में श्रोताओं को आकर्षित किया।
  • शायद ही किसी भारतीय सूरीनाम गायक को इस तरह याद किया जाता हो जिस सम्मान के साथ चेतो को याद किया जाता है। उनका 1994 में चेतो का निधन हो गया था।

तेरा साया
सोएसिता ओरी

  • दूसरों की तुलना में ओरी की कम ही जानकारी उपलब्ध है क्यूकि अब वह होलैंड में रहती है।
  • ‘तेरा साया जहां भी हो सजना’ गीत हालाँकि पाकिस्तानी गजल कलाकार नायरा नूर ने प्रसिद्ध किया था लेकिन सूरीनाम समुदाय की संगीत पसंद के हिसाब से गा कर सोएसिता ओरी ने इसे सूरीनाम में पहचान दी है।

मोरे गारी सुनो
द्रोपती

  • वर्ष 1968 में आई द्रोपदी की एल्बम “लेट्स सिंग एंड डांस” किसी भी युग के महान कैरेबियन एलबम में से एक है।
  • ‘मोरे गारी सुनो’ एक पारंपरिक भोजपुरी शादी गीत है जिसमे  के दुल्हे का मजाक बनाया जाता है।
  • रामदेव के साथ-साथ द्रोपदी ने गैर धार्मिक और अधिक पॉप संगीत उन्मुख गीतों को गाया और भारतीय वेस्टइंडीज समुदायों की संगीत संस्कृति में क्रांति ला दी।

दुई मुट्ठी
राज मोहन

  • राज मोहन एक युवा डच भारतीय सूरीनाम गायक है।
  • राज मोहन को सबसे पहले सूरीनाम भारतीय समुदाय की लोकभाषा भोजपुरी / हिंदी में आधुनिक, पश्चिमी पॉप संगीत गाने के लिए श्रेय दिया जाता हैं।
  • दुई मुट्ठी गीत में राज मोहन सूरीनामी भाषा में अपने लोगों के इतिहास और सूरीनाम में उनके प्रवास के बारे में बताते है।

मेरेंगुए मिक्स (वोह चाँद खिला/बड़े है दिल)
अमित सेवगोलम

  • अमित भारतीय-सूरीनाम गायक राद्जोए सेव्गोलम के बेटे है, जिनका 1978 में आया गाना ‘मेरा नाम’ कैरेबियन देशों में बहुत प्रसिद्ध हुआ था।
  • बैठक गान में मिश्रण और तेजी अमित ने सूरीनाम के भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक परंपरा और परिवार की विरासत को आगे बढाया है।

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