भारतीय-अमेरिकी छात्र “इंटेल टैलेंट सर्च” में प्रथम

भारतीय-अमेरिकी छात्र
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भारतीय-अमेरिकी छात्र “इंटेल टैलेंट सर्च” में प्रथम – स्थान  पर आए है। यह अमेरिका की प्रख्यात प्रतियोगिता में से एक है , जिसमें  6  भारतीय-अमेरिकी  छात्रों  ने  जीत  दर्ज  कर  अपना  परचम  लहराया । इसमें  दो  विभिन्न  वर्गों में  भारतीय – अमेरिकी 2 छात्रों को प्रथम स्थान मिला।

“फर्स्ट प्लेस मेडल ऑफ डिस्टिंक्शन फॉर बेसिक रिसर्च” के विजेता अमोल पंजाबी रहे और “फर्स्ट प्लेस मेडल ऑफ डिस्टिंक्शन फॉर इनोवेशन” की विजेता माया वर्मा रही।

मेसाचुसेट्स  के  अमोल  पंजाबी  ने  एक  ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया है । जो  दवाई  निर्माताओ को  कैंसर और  दिल की बीमारी  की  नयी  पद्धति  विकसित  करने  में  सहायता  करेगा ।  वहीं  कैलिफोर्निया  की  माया वर्मा  ने  फेफड़ो की कार्य  प्रणाली  का  विश्लेषण करने  हेतु स्मार्टफोन  के आधार  पर  एक ऐसे सस्ते  उपकरण का निर्माण किया है , जोकि महंगे पकरणों की तरह  ही  फेफड़ो  संबंधी बीमारी का निदान करेगा ।

इसी के साथ दूसरे – तीसरे स्थान पर भी भारतीय अमेरिकी छात्र ही है।

मेन के पेज ने  “फर्स्ट प्लेस मेडल ऑफ डिस्टिंक्शन फॉर ग्लोबल गुड”  का पुरस्कार हासिल किया। इलेनॉय की मीना जगदीसन ने “सेकंड प्लेस मेडल ऑफ डिस्टिंक्शन फॉर बेसिक रिसर्च” और पेंसिल्वेनिया के मिलिंद जगोटा को “सेकंड प्लेस मेडल ऑफ डिस्टिंक्शन फॉर इनोवेशन” वर्जीनिया के कुणाल श्रॉफ को  “थर्ड प्लेस मेडल ऑफ डिस्टिंक्शन फॉर बेसिक रिसर्च” अंत में ओहायो की काव्या रविचंद्रन को “थर्ड प्लेस मेडल ऑफ डिस्टिंक्शन फॉर इनोवेशन” पुरस्कार से नवाज़ा गया।

इस प्रतियोगिता की राशि 10 लाख अमेरिकी डॉलर है । प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मिलने वाले विजेता को डेढ़ लाख अमेरिकी डॉलर , दूसरा स्थान हासिल करने वाले को 75 हजार अमेरिकी डॉलर और तीसरा स्थान हासिल करने वाले को 35 हजार अमेरिकी डॉलर की राशि मिली है । इसी के साथ भारतीय – अमेरिकी छात्र “इंटेल टैलेंट सर्च” में प्रथम – स्थान पाकर देश का नाम रोशन किया ।