22 भारतीय अनुसूचित भाषाएँ अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर होंगी डिजिटल

फोटो साभार- wikipedia.org

नई दिल्ली: भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए भाजपा सरकार के प्रयास को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के भारतवाणी परियोजना से बढ़ावा मिलने वाला है। मंत्रालय 21 फरवरी 2016 को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर 22 भारतीय अनुसूचित भाषाओं में स्कूल और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए मल्टीमीडिया सामग्री और पाठ्य सामग्री जारी करने वाला है।

भारतीय जनता पार्टी सरकार का वैचारिक संरक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए पैरवी करता रहा है। मंत्रालय ने भारतीय सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ लैंग्वेजेज(सीआईआईएल), मैसूर को पोर्टल के लिए सामग्री संकलन का कार्य दिया है।यह परियोजना एक ज्ञान आधारित समाज बनाने के लिए प्रधानमंत्री की डिजिटल भारत पहल का एक हिस्सा है।

22 भाषाओं में स्कूल और कॉलेज की पाठ्यपुस्तकों, शब्दकोष, व्याकरण की पुस्तकों को डिजीटल रूप में पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, सेंट्रल बोर्ड सहित माध्यमिक शिक्षा, नेशनल बुक ट्रस्ट, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद और उसके 16 राज्य साझेदार संस्थाएं वेबसाइट के लिए सामग्री का संकलन कर रहे हैं।

प्रोफेसर अवधेश कुमार मिश्रा, निदेशक, सीआईआईएल ने बताया कि “स्कूल की पाठ्यपुस्तकों के अलावा भारतवाणी परियोजना के तहत मानव विज्ञान, इतिहास,चिकित्सा विज्ञान और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के लिए पाठ्य पुस्तकों को सभी संभव क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा।”

संघ से संबद्ध शिक्षा निकायों ने व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए अध्ययन सामग्री क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने के लिए सरकार से पैरवी कर रहे है। भारतवाणी परियोजना के तहत हिन्दी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली,शब्दकोशों को बनाने के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली और केंद्रीय हिंदी निदेशालय को भी शामिल किया गया है।

पहले चरण में भारतवाणी परियोजना के तहत 22 अनुसूचित भाषाओं को लक्षित किया गया है।मिश्रा आगे कहा कि “भारत में मान्यता प्राप्त लगभग 234 मातृभाषाएँ हैं। हम और अधिक भाषाओं को इस योजना में शामिल करने की कोशिश करेंगे। इन भाषाओं का संरक्षण,अध्ययन किया जाना चाहिए और बढ़ावा दिया जाना चाहिए।”(एजेंसीज से इनपुट)